
चुनावी तैयारियों के लिए अब किसी भी दल के पास ज्यादा वक्त नहीं बचा है। बीजेपी इस मामले में पहले ही काफी आगे है, तो वहीं हरियाणा कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों के मद्देनजर समितियों के गठन का काम किया है।
28 सदस्यीय चुनाव समिति की कमान प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा को सौंपी गई है। तो वहीं चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष हुड्डा को भी इसका सदस्य बनाया गया है, इसके अलावा पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर, पूर्व सीएलपी लीडर किरण चौधरी, रणदीप सुरजेवाला, कैप्टन अजय यादव, कुलदीप बिश्नोई समेत अधिकांश विधायकों को जगह दी गई है। वहीं एक 46 सदस्यीय चुनाव प्रचार समिति का भी गठन किया गया है,जिसमें तमाम दिग्गजों के समर्थक शामिल हैं। कांग्रेस हाईकमान ने सभी को जगह देकर गुटबाजी को रोकने की कोशिश की, वहीं दूसरे क्षेत्रीय दल इनेलो और जेजेपी अपने आंतरिक मसलों को सुलझाने को लेकर फिलहाल चर्चा में हैं। खाप पंचायतों की ओर से चौटाला परिवार को एक साथ लाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। हालांकि जेजेपी नेता और पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला ने खाप पंचायतों की इस मुहिम को बड़ा झटका दे दिया है। जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने खाप पंचायतों से तीखे सवाल करते हुए, साफ कर दिया है कि दिया है कि राजनीतिक तौर पर हम एक नहीं हो सकते हमारे रास्ते अलग-अलग हैं।
चुनाव आयोग 3 राज्यों हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड के लिए चुनाव कार्यक्रम का ऐलान कभी भी कर सकता है, ऐसे में चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए जनता के बीच अपनी पहुंच बनाना विपक्षी दलों के लिए अब बड़ा सवाल बन गया है, गुटबाज़ी और अंतर्कलह ने विपक्षी दलों की रफ्तार को कुंद, और सुस्त करने का काम तो किया ही है, साथ ही जनता से भी इन्हें कोसों दूर कर दिया। देखना दिलचस्प होगा कि विपक्षी दल कैसे इस फासले को तय करते हैं,और बीजेपी अपने मिशन 75 प्लस के कितना करीब पहुंचती है।
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