75 पार को हासिल कर पाएगा मनोहर दल ?

75 पार को हासिल कर पाएगा मनोहर दल ?

हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कभी कभी हो सकता है। चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही सियासी दलों की परीक्षा की घड़ी शुरू हो जाएगी।

परीक्षा इस लिए क्योंकि एक तरफ जहां सत्तारुढ़ बीजेपी ने जनता के बीच पहुंच बनाकर, अपनी पकड़ मजबूत बनाने का काम किया है, तो वहीं विपक्षी दल अभी इस रेस में काफी पीछे हैं। कांग्रेस सभी दस लोकसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए, कार्यकर्ताओं में जान फूंकने का काम कर रही है, तो वहीं दूसरे क्षेत्रीय दल भी अपने चुनाव अभियान को धार देने के लिए पूरी शिद्दत से जुटे हैं।

चुनाव है तो लाजमी है सियासी दल जनता के बीच पहुंचेंगे भी, और अपनी बात भी रखेंगे लेकिन हरियाणा में सियासी दलों का मिज़ाज इस बार काफी फीका रहा। सत्तारुढ़ पार्टी जहां अपने चुनाव अभियान को लेकर जोश से लबरेज़ नजर आई, तो वहीं विपक्षी दल अपनी अंतर्कलह और गुटबाज़ी से परेशान रहे। और यही वजह रही कि जिस वक्त उन्हें जमीन पर उतरकर जनता के बीच पहुंचना चाहिए था, उस वक्त वो आपसी कलह में ही उलझे रहे। बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व लगातार प्रदेश में मौजूदगी दर्ज करवाते हुए जहां मनोहर सरकार के चुनाव अभियान को गति देता रहा, तो वहीं विपक्षी अपने मसलों को सुलझाने में ही उलझे रहे।

अपनी चुनावी रणनीति को धार देने के साथ, बीजेपी विपक्ष पर निशाना साधने से नहीं चूक रही, बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा हरियाणा के दो दिवसीय दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने लगातार शक्ति केन्द्र प्रमुख, पालक और बूथ कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें की, और जीत का मंत्र दिया। इस दौरान जेपी नड्डा ने विपक्ष पर जोरदार हमला भी बोला और विपक्ष को नेता नीति और नीयत विहीन बताया वहीं अगर टिकट बंटवारे की बात करें, तो जेजेपी के अलावा अभी किसी भी पार्टी ने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नहीं किया है। हालांकि हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा है कि मैरिट के आधार पर पार्टी टिकट देगी।           

प्रदेश की फिजा फिलहाल सियासी है राजनीतिक दल अपने पक्ष में हवा को मोड़ने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते चुनाव को लेकर कहीं जोश हाई है, तो टेंशन भी लगातार बढ़ती जा रही है। खासकर उनके लिए जिनके लिए ये चुनाव निर्णायक होने वाला है। देखने वाली बात ये रहेगी कि चुनाव के दौरान जोश कहां हाई रहता है, और टेंशव किसकी बढ़ती है।  

 

 

 

 

 

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