
Mpox Vaccine: दुनिया के कई देशों में एमपॉक्स वायरस की वजह से हाहाकार मचा हुआ है। इस वायरस से निपटने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एमपॉक्स वायरस के उपचार के लिए वैक्सीनेशन के टीके को पहली मंजूरी दे दी है।
शुक्रवार को WHO ने एमपॉक्स वायरस के लिए एमवीए-बीएन वैक्सीन (MVA-BN vaccine) को मंजूरी दे दी है। इसे इसकी प्रीक्वालिफिकेशन सूची में जोड़ा गया है। इस मंजूरी के बाद वैक्सीन से आम लोगों की पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है।
क्या है वैक्सीन का लक्ष्य?
वैक्सीन प्रीक्वालिफिकेशन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि टीके सुरक्षित और प्रभावी हों। WHO ने इस वैक्सीन को लेकर निर्देश जारी किए है। यह वैक्सीन 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को दो खुराक में दी जा सकती है। हालांकि वैक्सीन को 18 वर्ष से कम आयु के लोगों के लिए लाइसेंस नहीं मिला है।
वैक्सीन पर WHO का बयान
प्रीक्वालिफिकेशन प्रक्रिया का उद्देश्य वैक्सीन की तेजी से खरीद और वितरण को सुविधाजनक बनाना है। WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने मौजूदा एमपॉक्स प्रकोपों को रोकने (खासकर अफ्रीका में) की दिशा में वैक्सीन के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, 'अफ्रीका में मौजूदा प्रकोपों और भविष्य के संदर्भ में, एमपॉक्स के खिलाफ़ वैक्सीन की यह पहली प्रीक्वालिफिकेशन बीमारी के खिलाफ़ हमारी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है।' उन्होंने आगे कहा, 'अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य उपकरणों के साथ-साथ, यह वैक्सीन संक्रमण को रोकने, संचरण को रोकने और जीवन बचाने में मदद करेगी।' कोल्ड कंडीशन में स्टोर होने के बाद, यह 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर आठ सप्ताह तक स्थिर रह सकती है।
82 प्रतिशत तक प्रभावी
सभी को टीके की खुराक सुनिश्चित करने के लिए खरीद, दान और वितरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया है। संक्रमण को रोकने, संचरण को रोकने और जीवन बचाने के लिए अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य उपकरणों की भी तत्काल आवश्यकता है।
उपलब्ध डेटा से पता चला कि एक्सपोजर से पहले दी गई सिंगल डोज एमवीए-बीएन वैक्सीन 76 प्रतिशत प्रभावी है। जबकि 2 खुराक अनुमानित 82 प्रतिशत प्रभावी है। MVA-BN वैक्सीन को स्विट्जरलैंड, अमेरिका, सिंगापुर, कनाडा, यूरोपीय संघ और UK में मंजूरी दे दी गई है।
क्या है एमपॉक्स के लक्षण?
एमपॉक्स को पहले मंकी पाक्स के नाम से जाना जाता था। यह संक्रामक वायरल रोग है। दाने निकलना, फफोले बनना, बुखार, शरीर में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं। अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के अनुसार, कांगो सबसे अधिक प्रभावित देश है। जहां लगभग 70 प्रतिशत मामले बच्चों में हैं।
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