
Punishment For Bomb Threat: दिल्ली के बड़े और नामी स्कूलों को लगातार बम की धमकी भरा ई-मेल दिया जा रहा है। हालांकि, जांच के दौरान ये धमकियां अफवाह साबित हो जाती हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन, बच्चों और उनके अभिभावकों समेत पुलिस और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। काफी जांच-पड़ताल और उसके लिए अपनाई जाने वाली सावधानियों के चलते बड़ी संख्या में लोग को परेशानी होती है।
दिल्ली के स्कूलों को बम से दहलाने की धमकीवाला आमतौर पर लिखता है "ये ईमेल आपको ये सूचित करने के लिए भेजा जा रहा है कि आपके स्कूल में विस्फोटक रखा गया है। ये बात हमें पता है कि आप बच्चों के बैग के बैग बार-बार नहीं जाचते हैं। इस पूरे प्रकरण का हिस्सा एक सीक्रेट डार्क वेब ग्रुप है। इसके साथ ही एक रेड रूम भी इसका भाग है। हमें पता है आने वाले दो दिनों में स्कूल में एक पेरेंट्स टीचर्स मीटिंग और स्पोर्ट्स इवेंट होने वाला है। बैग में जो विस्फोटक है वो इमारतों को नुकसान पहुंचाने और लोगों की जान लेने के लिए रखा गया है।
क्या है सजा का प्रावधान?
स्कूलों को बम से उड़ाने की झूठी धमकी देने वालों के चलते पुलिस और प्रशासन समेत आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्कूलों में बम होने की धमकी देने, इसकी झूठी खबर या अफवाह फैलाने पर कानूनन सजा का प्रावधान है। सबसे पहली बात यह है कि फेक न्यूज़ फैलना अपने आप में एक अपराध है लेकिन, अगर बम होने की अफवाह फैलाते हैं तो यह गंभीर अपराध है।
10 साल तक की जेल की सजा
इससे न सिर्फ सरकार को बल्कि देश के नागरिकों को भी काफी हानी होती है। इस तरह के केस में बम की झूठी धमकी देने वाले या अफवाह उड़ाने वाले अपराधी को 10 साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा, इस तरह के आपराधाकि मामलों में मोटा जुर्माना भी लगाए जाने का प्रावधान है। अगर स्थिति ज्यादा गंभीर होती है तो अपराधी को दोषी पाए जाने पर अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) के तहत भी मामला दर्ज किया जाता है।
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