
Parliament Monsoon Session: दिल्ली एनसीआर में पिछले 24 घंटों में जमकर बारिश हुई है। दिल्ली के कई इलाकों में भारी जलजमाव देखने को मिल रहा है। तो वहीं, कई पॉश इलाकों में भी पानी भड़ने के कारण लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। इस बीच बारिश के कहर से संसद भी अछूता नहीं रहा है। जिस भवन में बैठ कर माननीय देश को दिशा दिखाते हैं, उसी संसद भवन की छत टपकने लगी। अब जैसे यह बात सामने आई, विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधना शुरु कर दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर वीडियो शेयर करके केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। साथ ही उन्होंने कहा कि “नई संसद से अच्छी पुरानी संसद थी। क्यों ना वापस वहीं चलें?” गौरतलब है कि विपक्ष लागारात नई संसद को लेकर सवाल उठाता रहा है। नई संसद के उद्घाटन समारोह को भी विपक्ष के नेताओं ने बॉयकॉट किया था। उन्होंने नई संसद भवन को पैसे की बर्बादी बताया था।
सपा प्रमुख ने पुराने संसद जाने की इच्छा जताई
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर संसद भवन की छत से पानी टपकने का वीडियो शेयर करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा कि “इस नई संसद से अच्छी तो वो पुरानी संसद थी, जहाँ पुराने सांसद भी आकर मिल सकते थे। क्यों न फिर से पुरानी संसद चलें, कम-से-कम तब तक के लिए, जब तक अरबों रुपयों से बनी संसद में पानी टपकने का कार्यक्रम चल रहा है। जनता पूछ रही है कि भाजपा सरकार में बनी हर नई छत से पानी टपकना, उनकी सोच-समझकर बनायी गयी डिज़ाइन का हिस्सा होता है या फिर…"
कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला
वहीं, कांग्रेस नेता मणिक्कम टैगोर ने भी इस मामले पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने एक्सपर लिखा कि ''बाहर पेपर लीक, अंदर पानी का रिसाव। राष्ट्रपति द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली संसद लॉबी में हाल ही में पानी का रिसाव, नए भवन में मौसम संबंधी समस्याओं को उजागर करता है। निर्माण पूरा होने के सिर्फ एक साल बाद ही ऐसी स्थिति हो गई है। इस मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया गया।''
हालांकि, इन बयानों के बाद अभी तक सत्ता पक्ष की ओर से कोई बयान नहीं सामने आया है। गौरतलब है कि इस वक्त संसद का मॉनसून सेशन चल रहा है। माना जा रहा है कि संसद में भी यह मामला उठाया जा सकता है।
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