
नई दिल्ली: वियतनाम के लाओ पीडीआर में 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे संघर्षों का सबसे ज्यादा नकारात्मक असर ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ रहा है। हर कोई चाहता है कि यूरेशिया हो या पश्चिम एशिया, जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं बुद्ध की धरती से आता हूं और मैंने बार-बार कहा है कि यह युद्ध का युग नहीं है। समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकल सकता। संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करना जरूरी है। मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देनी होगी। विश्वबधु का दायित्व निभाते हुए भारत इस दिशा में हरसंभव योगदान देता रहेगा।"
आतंकवाद वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चुनौती है- पीएम मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा,''आतंकवाद वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चुनौती है। इसका सामना करने के लिए मानवता में विश्वास करने वाली ताकतों को मिलकर काम करना होगा। वहीं, साइबर, समुद्री और अंतरिक्ष के क्षेत्रों में भी आपसी सहयोग मजबूत करना होगा।
हम म्यांमार की स्थिति पर आसियान दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि हम म्यांमार की स्थिति पर आसियान दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं। हम पांच सूत्रीय सहमति का भी समर्थन करते हैं। साथ ही, हमारा मानना है कि मानवीय सहायता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। और लोकतंत्र की बहाली के लिए उचित कदम भी उठाए जाने चाहिए। हमारा मानना है कि इसके लिए म्यांमार को शामिल किया जाना चाहिए, अलग-थलग नहीं। एक पड़ोसी देश के तौर पर भारत अपनी जिम्मेदारी निभाता रहेगा।
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