Uttarakhand Anti Riot Bill: सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो धामी सरकार करेगी वसूली, अब दंगईयों को करनी पड़ेगी पूरी भरपाई

Uttarakhand Anti Riot Bill: सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो धामी सरकार करेगी वसूली, अब दंगईयों को करनी पड़ेगी पूरी भरपाई

 Uttarakhand Law: उत्तराखंड सरकार ने दंगों और आंदोलनों पर सख्त कानून लागू कर दिया गया है। उत्तराखंड में दंगा-फसाद करने वाले उपद्रवियों के लिए उत्तराखंड लोक और निजी संपत्ति क्षति वसूली विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है। यानी राज्य में किसी भी दंगे, हड़ताल,बंद और आंदोलनों के बाद हुई सावर्जनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई दोषियों से की जाएगी। सूबे की सरकार ने राज्यपाल की मंजूरी के बाद नया कानून लागू कर दिया है। 

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस कानून को राज्य की शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देवभूमि की शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। जिससे भविष्य में कोई भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम न दे सके।

इसके संबंध में एक दावा अभिकरण का गठन किया जाएगा। इसमें कोई भी व्यक्ति और सरकारी संपत्तियों का प्राधिकारी इस दावा अभिकरण में अपना दावा पेश कर सकेगा। इस दावे का निपटारा भी निश्चित समय अवधि में होगा। ताकि जल्द से जल्द नुकसान की भरपाई नुकसान करने वाले से हो सके।

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को धन्यवाद कहा

धामी सरकार  ने अगस्त में गैरसैंण सत्र के दौरान सदन में बिल पेश किया था। जिसमें ध्वनि मत से इसको विधानसभा में पारित किया गया था। धामी ने उत्तराखंड लोक (सरकारी) तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली (अध्यादेश) कानून-2024 को राज्यपाल के मंजूरी देने पर उन्हें आभार और धन्यवाद प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, 'इस कानून के तहत दंगाइयों से सरकारी और निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई की जा सकेगी।

इसके साथ ही दंगा नियंत्रण में लगे सरकारी अमले और अन्य कार्यों पर आने वाले खर्च की भरपाई भी की जाएगी।' सीएम धामी ने आगे कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में किसी को भी कानून व्यवस्था और राज्य का मूल स्वरूप बिगाड़ने की छूट नहीं है. इस कानून का राज्य में सख्ती से पालन करवाया जाएगा।

नए कानून में क्या प्रवाधान?

दंगों या आंदोलनों के दौरान संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिसमें भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है। इसके साथ दंगा नियंत्रण पर सरकारी खर्च की भी भरपाई दंगाइयों से ही कराई जाएगी।

नुकसान होने पर करना होगी भरपाई

इसमें सार्वजनिक संपत्ति जैसे इमारतें, वाहन, सड़कें आदि शामिल हैं। सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर आठ लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा। दंगा करने वालों से मुआवजा वसूला जाएगा। बंद और हड़ताल के दौरान संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर आयोजन करने वाले नेता भी इसके जिम्मेदार होंगे।

बीते साल बनभूलपुरा में हुई हिंसक घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कानून को लाने की बात कही थी। जिसे इस साल अगस्त महीने में गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान बिल पेश किया गया था। जिसके बाद राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह बिल कानून बन चुका है।

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