
Uttarakhand News: उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर नैनीताल हाई कोर्ट से राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने 23जून को पंचायत चुनावों पर लगाई गई अंतरिम रोक को 27जून को हटा दिया। जिससे अब 12जिलों में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत चुनाव की प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़ सकेगी। इस फैसले ने न केवल धामी सरकार के लिए राहत की सांस दी है, बल्कि हजारों उम्मीदवारों और मतदाताओं के लिए भी अनिश्चितता का दौर खत्म किया है।
हाई कोर्ट का फैसला
दरअसल, नैनीताल हाई कोर्ट में हुई सुनवाई में राज्य सरकार और याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने पक्ष रखे। पंचायती राज सचिव चंद्रेश कुमार ने कोर्ट को सूचित किया कि 2025के आरक्षण नियमों की गजट अधिसूचना रुड़की के सरकारी प्रेस में छपाई के लिए भेजी गई है और जल्द ही इसे कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। सरकार की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया कि आरक्षण प्रक्रिया को संवैधानिक और कानूनी दायरे में पूरा किया जा रहा है।
वही, कोर्ट ने सरकार के जवाब और प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए पंचायत चुनावों पर लगी रोक को हटा दिया। साथ ही, सरकार को तीन सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि नामांकन की अंतिम तारीख को तीन दिन और पूरे चुनावी कार्यक्रम को तीन दिन आगे बढ़ाया जाए। इस फैसले ने चुनाव प्रक्रिया को फिर से पटरी पर ला दिया है।
नया चुनावी कार्यक्रम
हाई कोर्ट के आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग अब नया चुनावी कार्यक्रम जारी करने की तैयारी में है। पंचायती राज सचिव चंद्रेश कुमार ने कहा कि नई तारीखें जल्द तय की जाएंगी और जुलाई 2025 में ही चुनाव संपन्न कराने का लक्ष्य है। पहले घोषित शेड्यूल के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया 25 से 28 जून तक होनी थी, और प्रतीक आवंटन 3 जुलाई को होना था। अब कोर्ट के आदेश के अनुसार, यह प्रक्रिया तीन दिन आगे बढ़ाई जाएगी।
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