ईद पर अखिलेश यादव को याद आई 'Emergency', आखिर क्या है पूरा माजरा?

ईद पर अखिलेश यादव को याद आई 'Emergency', आखिर क्या है पूरा माजरा?

Akhilesh Yadav Statement: आज देशभर में ईद-उल-फितर का त्योहार बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस बीच, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का एक बयान सामने आया है। उन्होंने कहा सोमवार, 31मार्च को ईद के मौके पर वह लखनऊ के एक ईदगाह पहुंचे थे। जहां उनके काफिले को बैरिकेडिंग लगाकर रोका गया।

सपा प्रमुख ने आगे कहा 'वह कई सालों से ईद के मौके पर लखनऊ के ईदगाह जाते रहे हैं। लेकिन ऐसा पहली बार  हुआ है जब उनका काफिला रोका गया है। रास्ते में काफी बैरिकेडिंग लगाई गई थी।' उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा 'आज तक मैंने ऐसी बैरिकेडिंग नहीं देखी। ये ऐसा दबाव बनाना चाहते हैं कि दूसरे धर्म के त्योहारों में शामिल न हो सके। ये तानशाही या फिर आपातकाल।'

'इमरजेंसी है क्या?'

दरअसल, बीते दिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव ईद के मौके पर लखनऊ के ईदगाह गए थे। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि उनका काफिला रोका गया था। रास्ते में काफी बैरिकेडिंग लगाई गई थी। इस मामले में उन्होंने बताया कि वह काफी समय से ईद के मौके पर लखनऊ के ईदगाह जाते रहे हैं। लेकिन ऐसा पहली बार  हुआ है, रास्ते में इतनी बैरिकेडिंग देखी गई। जिस वजह से उनका काफिला रोका गया।

सपा प्रमुख आगे कहते है कि इस बेरिकेडिंग की वजह से उन्हें आधे घंटे तक रोका गया था। इस पर जब मैंने अधिकारियों से पूछा कि मुझे क्यों रोका गया तो किसी के पास कोई जवाब नहीं था।

CM योगी पर साधा निशाना

इस मामले में सपा प्रमुख ने योगी सरकार पर भी खूब जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि ये सब देखने के बाद उन्हें समझ नहीं आया कि मैं इसे तानाशाही समझूं या फिर आपातकाल। उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा 'इमरजेंसी है क्या?' क्या सरकार हम पर दबाव बनाना चाहते हैं कि हम दूसरे धर्मों में के त्योहारों में शामिल न हों?

अखिलेश यादव आगे कहते है कि ये बैरिकेडिंग इसलिए की जा रही थी, ताकि लोग त्योहार न मना पाएं। उन्होंने कहा 'देश के लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा बीजेपी सरकार से ही हैं। सरकार इस देश को संविधान से नहीं चला रही है।   

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