
लखनऊ - यूपी के हाथरस में एक कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ के मामले में न्यायिक आयोग के सामने पेश होने के लिए नारायण साकार हरि, जिन्हें भोले बाबा के नाम से जाना जाता है, लखनऊ पहुंचे। उनके लखनऊ आने का एक पहलू उस गाड़ी से जुड़ा है, जिसमें वह आए, जो अब चर्चा का केंद्र बन गई है।
नारायण साकार हरि जिस सफेद फॉर्च्यूनर (गाड़ी नंबर- UP32NA8788) में न्यायिक आयोग के समक्ष उपस्थित हुए, वह पीलीभीत के पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के विधायक बाबूराम पासवान की गाड़ी है। गाड़ी पर "विधायक" लिखा हुआ है और इसमें भारतीय जनता पार्टी का झंडा भी लगा हुआ है।इस गाड़ी में ड्राइवर के अलावा एक महिला भी मौजूद थीं, जो गाड़ी से बाहर नहीं निकली और भोले बाबा का इंतज़ार करती नजर आईं। इस दौरान, सुरक्षा व्यवस्था के तहत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
2जुलाई को मची थी भगदड़
ज्ञात हो कि 2जुलाई को हाथरस में एक सत्संग के दौरान भगदड़ मचने से 121लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 30से अधिक लोग घायल हुए थे। यह कार्यक्रम सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि का था। सूरजपाल, जो पहले पुलिस में थे, ने अचानक आध्यात्मिक क्षेत्र में कदम रखा और अपना नाम बदलकर नारायण साकार हरि रख लिया। उनके अनुयायियों ने उन्हें भोले बाबा का नाम दिया।
24आश्रमों और करोड़ों की संपत्ति के मालिक
भोले बाबा के पास 24आश्रम हैं और उनकी चल-अचल संपत्तियों का मूल्य 100करोड़ रुपये से अधिक है। वह अक्सर 25से 30गाड़ियों के काफिले के साथ चलते हैं। दिलचस्प बात यह है कि वह अपने अनुयायियों से कोई चढ़ावा नहीं लेते, फिर भी उनके पास आलीशान आश्रम और वहां की सभी सुविधाएं मौजूद हैं।
मैनपुरी में 21बीघा का आश्रम
भोले बाबा का एक आश्रम मैनपुरी के बिछुवा गांव में स्थित है, जो 21 बीघा जमीन पर बना हुआ है। यह जमीन उन्हें मैनपुरी के विनोद बाबू आनंद द्वारा दान में दी गई थी। जमीन मिलने के बाद श्रद्धालुओं ने चंदा इकट्ठा किया, और 199 लोगों ने दिल खोलकर चंदा दिया, जिससे इस आलीशान आश्रम का निर्माण संभव हुआ।
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