amesh pal murder case: एक बार फिर उत्तर प्रदेश गोलियों की गूंज से दहल उठा। बता दें कि पूर्व विधायक राजू पाल की हत्या मामले के एकलौते गवाह उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी। 6शूटरों ने 47सेकेंड तक उमेश पाल पर गोलियां बरसाईं और कई बम भी पटकाए। दरअसल उमेश राजू पाल के बालसखा और रिश्तेदार थे। वह उनकी हत्या मामले में गवाह भी थे, जिसके कारण माफिया अतीक अहमद गैंग उसे अपना दुश्मन नंबर एक समझता था।
क्या है पूरा मामला
दरअससल, 25जनवरी 2005को तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की हत्या की गई थी। उस समय में वह दो गाड़ियों के काफिले के साथ अपने घर जा रहे थे। रास्ते में उनकी गाड़ियों को घेरकर शूटरों ने फायरिंग की। राजू पाल समेत उनके दो करीबियों की इस वारदात के बाद मौत हो गई थी। उमेश पाल इस हत्याकांड के चश्मदीद गवाह थे। मामले की पैरवी स्थानीय कोर्ट-कचहरी से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक उमेश पाल ही कर रहे थे।
उमेश की पैरवी ही थी कि हाई कोर्ट ने दो महीने में राजू पाल हत्याकांड का ट्रायल पूरा करने का आदेश दिया था लेकिन इससे पहले ही उमेश पाल की हत्या कर दी गई। उमेश की हत्या उनके घर के ठीक सामने की गई है, जिसमें 6शूटर शामिल थे। शूटरों को वारदात को अंजाम देने में सिर्फ 47सेकेंड लगे थे।