
Mayawati on Hindenburg: हिंडनबर्ग को लेकर बहुजन समाज पार्टीकी राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने क्रेंद सरकार को उच्चस्तरीय जांच कराने की सलाह दी है। मायावती ने कहा कि अडानी व सेबी द्वारा सफाई देने के बावजूद मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा बल्कि उबाल पर है।
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए मायावती ने कहा कि अडानी ग्रुप और अब सेबी चीफ संबंधी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट फिर से जबरदस्त चर्चाओं में है। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि आरोप-प्रत्यारोप का दौर इस हद तक जारी है कि इसे देशहित को प्रभावित करने वाला बताया जा रहा है। अडानी और सेबी की ओर से सफाई देने के बावजूद मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा, बल्कि उबाल पर है।
अपनी साख और विश्वसनीयता को भी प्रभावित कर रहा है- मायवती
मायावती ने पोस्ट में लिखा कि वैसे यह मुद्दा अब सत्ता और विपक्ष के वाद-विवाद से परे केंद्र की अपनी साख और विश्वसनीयता को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को अब तक इसकी उच्च स्तरीय जांच अर्थात जेपीसी या जुडिशियल जांच जरूर बैठा देनी चाहिए थी तो यह बेहतर होता।
अडानी पर हिंडनबर्ग ने लगाए थे गंभीर आरोप
आपको बता दें कि हिंडनबर्ग रिसर्च ने बीते दिनों बाजार नियामक सेबी की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच और उनके पति पर अडानी से जुड़े विदेशी फंड में हिस्सेदारी होने का आरोप लगाया है। इसके बाद से हंगामा मचा हुआ है।
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