
UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य में भष्ट्रचार को कम करने के लिए सख्त कदम उठाया है। अब पूरे यूपी में बिना पेन कार्ड के किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री नहीं होगी। यूपी सरकार का यह कदम रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने और काले धन पर लगाम लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, यह फैसला बेनेामी संपत्ति, टैक्स चोरी और फर्जी लेनदेन को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। अब जमीन, मकान, फ्लैट या किसी भी प्रकार की अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री के दौरान PAN कार्ड अनिवार्य दस्तावेज होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
राज्य सरकार को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में नकद लेनदेन और फर्जी नामों के जरिए बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जा रही है। कई मामलों में कम कीमत दिखाकर रजिस्ट्री कराई जाती थी, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता था। PAN कार्ड अनिवार्य होने से लेनदेन की पूरी जानकारी आयकर विभाग के पास उपलब्ध रहेगी।
किन पर पड़ेगा असर?
इस फैसले का सीधा असरजमीन और मकान खरीदने वाले लोगों पररियल एस्टेट कारोबारियों परबिल्डर्स और प्रॉपर्टी डीलर्स परपड़ेगा। खासतौर पर वे लोग जो अब तक बिना PAN कार्ड के रजिस्ट्री कराते थे, उन्हें पहले PAN बनवाना होगा।
आम लोगों को क्या करना होगा?
यदि आप यूपी में प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं तोPAN कार्ड पहले से तैयार रखें। रजिस्ट्री के दौरान सही कीमत और दस्तावेज दें। नकद लेनदेन से बचें। सरकार का मानना है कि इस फैसले से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि राज्य की राजस्व आय भी बढ़ेगी और रियल एस्टेट सेक्टर में भरोसा मजबूत होगा।
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