Pariksha Pe Charcha 2026: पीएम मोदी ने छात्रों के साथ की बातचीत, मोबाइल गेम खेलने वाले बच्चों के लिए को संदेश

Pariksha Pe Charcha 2026: पीएम मोदी ने छात्रों के साथ की बातचीत, मोबाइल गेम खेलने वाले बच्चों के लिए को संदेश

Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' के 9वें संस्करण के दौरान छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अपने पैटर्न पर भरोसा रखें और उसे फॉलो करें, साथ ही आपके पास आने वाले सभी सुझावों को भी ध्यान में रखें। हमारा लक्ष्य हमेशा हमारी पहुंच में होना चाहिए लेकिन पकड़ में ना हो। हमेशा अपने टीचर से एक कदम आगे रहें। मन को जोतो, फिर मन को जोड़ो, और फिर पढ़ाई के विषय रखो।

पीएम मोदी ने कहा कि, "ज़िंदगी में हर चीज़ में संतुलन होना चाहिए। अगर आप एक तरफ ज़्यादा झुकेंगे, तो आप गिर जाएंगे। लाइफ स्किल्स और प्रोफेशनल स्किल्स दोनों बराबर जरूरी हैं और इन्हें सिर्फ शिक्षा से ही सीखा जा सकता है।उन्होंने कहा, शिक्षा बोझ नहीं होनी चाहिए। हमें इसमें पूरी तरह शामिल होना चाहिए। आधे-अधूरे मन से की गई पढ़ाई जीवन को सफल नहीं बनाती। हमें सिर्फ मार्क्स पर नहीं बल्कि जीवन को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

शिक्षा बोझ की तरह नहीं लगनी चाहिए- पीएम मोदी

छात्रों से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा बोझ की तरह नहीं लगनी चाहिए। इसमें हमारी पूरी भागीदारी ज़रूरी है। टुकड़ों में पढ़ाई करने से सफलता नहीं मिलती। मार्क्स पर ध्यान देने के बजाय, सभी को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि वे ज़िंदगी में कहां पहुंचे हैं। वह यह भी कहते हैं,हम चीज़ों और घटनाओं को तभी याद रखते हैं जब हम उनमें पूरी तरह शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि मैं बीते हुए कल को नहीं देखता, मैं हमेशा आने वाले कल को देखता हूं।

आखिरी मकसद पूरे डेवलपमेंट का होना चाहिए- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि कई बार टीचर सिर्फ़ वही पढ़ाते हैं जो ज़रूरी होता है और जिससे आपको अच्छे मार्क्स मिल सकें, लेकिन एक अच्छा टीचर पूरे डेवलपमेंट पर ध्यान देता है और सब कुछ सिखाता है। ज़िंदगी सिर्फ़ एग्ज़ाम के बारे में नहीं है। पढ़ाई हमारे डेवलपमेंट का सिर्फ़ एक ज़रिया है। एग्ज़ाम कभी भी आखिरी मकसद नहीं होना चाहिए। आखिरी मकसद पूरे डेवलपमेंट का होना चाहिए।

ऑनलाइन गेम पर बोले पीएम मोदी

गेम को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि गेमिंग में इंटरेस्‍ट है, पेरेंट्स कहते हैं कि पढ़ाई पर ध्‍यान दो। मुझे कैसे पता चलेगा कि क्या करूं. माता-पिता डांटते रहते हैं कि गेम मत खेलो। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सब चुपचाप करते रहो, आपने निर्णय ले लिया। सफल होंगे तो घरवाले पूरे मोहल्‍ले में कहेंगे कि मेरे बेटे ने ये किया। आपकी सक्‍सेस उनका गर्व बन जाता है। पंचतंत्र पर गेम बनाइए, सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म पर प्रोफाइल बनाइए, हनुमानजी की कथा पर गेम बनाओ, अभिमन्‍यु पर गेम बनाओ, भारतीय कथा-कहानियों पर गेम बनाओ। ध्यान रखें, जुआ खेलना बर्बादी है लेकिन गेमिंग एक स्‍किल है।

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