
Amit Shah Addresses Lok Sabha: लोकसभा में सोमवार यानी 30 मार्च को नक्सल मुक्त भारत पर बहस हो रही है। केंद्र सरकार की ओर से नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए अभियान का ब्योरा दिया जा रहा है। आपको बता दें कि नक्सल मुक्त भारत बनाने की समयसीमा 31 मार्च 2026 है।
ऐसे में समयसीमा खत्म होने से एक दिन पहले लोकसभा में इस अहम मुद्दे पर चर्चा हो रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के समय आदिवासियों का विकास नहीं हुआ। पहले देश के 12 राज्य में नक्सलवाद था। अब समाप्त हो गया है। उन्होंने नक्सलवाद के लिए पूर्व की कांग्रेस सरकार की नीति को गलता ठहराया।
मोदी सरकार के काम का बखान
अमित शाह ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद गरीबों के कई विकास योजनाए शुरू की गई। इससे देश के पिछड़े इलाकों का विकास हुआ। उसके बाद नक्सलवाद को खत्म करने के लिए ऑपरेशन चलाया गया। उन इलाकों में नक्सलवाद को खत्म किया गया जहां विकास कार्य में काफी परेशानी आ रही थी। अमित शाह ने कहा कि सीएपीएफ, कोबरा, राज्य पुलिस, डीआरजी के जवान के कारण ये संभव हुआ है। अमित शाह ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद समाप्त होने जा रहा है इसमें जनता का भी काफी सहयोग है। इस अभियान में सुरक्षा बलों के जिन जवानों ने अपना बलिदान दिया उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देता हूं।
कल नक्सलवाद का आखिरी दिन- शाह
अमित शाह ने कहा कि देश हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। देश लंबे समय से नक्सलवाद से प्रभावित था, लाल आतंक की परछाई थी। इसलिए बस्तर में विकास कार्य नहीं हो सका था। आज परछाईं हट गई है, इसलिए वहां विकास हो रहा है। बस्तर से भी नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि जो हथियार उठाएगा, उसे हिसाब चुकाना होगा। हम आदिवासियों के अधिकारों के लिए ये लड़ाई लड़ रहे हैं। मोदी सरकार के 12 साल देश के लिए अच्छा रहा है। नक्सल मुक्त भारत की रचना भी मोदी शासन में की गई। कल नक्सलवाद का भारत में आखिरी दिन है। अब देश से वामपंथ उग्रवाद खत्म होने जा रहा है।
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