अभिनेता प्रकाश राज के मां का निधन, 86 की उम्र में लीं अंतिम सांस; पंचतत्व में हुईं विलीन

अभिनेता प्रकाश राज के मां का निधन, 86 की उम्र में लीं अंतिम सांस; पंचतत्व में हुईं विलीन

Prakash Raj Mother Demise: भारतीय सिनेमा के दिग्गज एक्टर प्रकाश राज की मां सुवर्णलता का बेंगलुरु स्थित उनके निवास पर निधन हो गया। उन्होंने 86 की उम्र में अंतिम सांस लीं। सुवर्णलता का निधन न केवल प्रकाश राज के परिवार के लिए, बल्कि उनके प्रशंसकों के फैंस के शोक की घड़ी है। दुख की इस घड़ी में फिल्म इंडस्ट्री के लोग प्रकाश राज को सांतवना दे रहे हैं।

सुवर्णलता को प्रकाश राज के जीवन का सबसे मजबूत स्तंभ माना जाता था। अभिनेता ने अपने कई साक्षात्कारों में इस बात को कहा है कि उनका बचपन काफी चुनौती भरा रहा है। उनके पिता के शराब की लत के कारण घर की जिम्मेदारी उनकी मां के ऊपर आ गई थी। उन्होंने अकेले दम पर घर चलाया, चार बच्चों को पाला, सभी को अच्छे मुकाम तक पहुंचाया।

अभिनेता की मां के निधन पर शोक

वहीं, प्रकाश राज के मां के निधन की खबर मिलते ही सोशल मीडिया पर शोक संवेदनाओं का तांता लग गया। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण उन शुरुआती हस्तियों में शामिल थे, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से अपना शोक व्यक्त किया। पवन कल्याण के कार्यालय ने आधिकारिक संदेश साझा करते हुए लिखा कि प्रसिद्ध अभिनेता प्रकाश राज की माता सुवर्णलता के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले। मैं प्रकाश राज गारू और उनके पूरे परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताता हूं, जो इस समय अपनी माता को खोने के कारण शोक में हैं। वहीं, प्रशंसकों और फिल्म जगत के साथियों ने भी दुख की घड़ी में अभिनेता को ढांढस बढ़ाया। 

उतार-चढ़ाव भरा रहा जीवन

बता दें कि प्रकाश राज भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा एक्टर में से हैं, जिन्होंने कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम, हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों में अलग मुकाम हासिल किया है। पांच बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अपने नाम कर चुके प्रकाश राज ने 400 से अधिक फिल्मों में अपना किरदार निभाया है और उन्हें देश के सबसे बहुमुखी अभिनेताओं में से एक माना जाता है। सिनेमा के पर्दे के अलावा अपने मुखर सामाजिक कार्यों में उनकी भागीदारी देखी जाती है। उन्होंने तेलंगाना के महबूबनगर जिले के एक गांव को गोद भी लिया है। हालांकि, उन्होंने व्यक्तिगत दुखों का भी सामना किया है। साल 2004 में उनके पांच वर्षीय बेटे सिद्धू की मौत हो गई थी। जो उनके जीवन का सबसे बड़ा दुख है। अब 86 वर्ष की आयु में उनकी माता का निधन उनके लिए बड़ा झटका है।    

 

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