
नई दिल्ली: हर साल एक मई को महाराष्ट्र और गुजरात के लोग अपने-अपने राज्य में महाराष्ट्र और गुजरात दिवस को मनाते हैं. 1960 में इसी दिन महाराष्ट्र, गुजरात से अलग हुआ, और दोनो राज्य की स्थापना की गई. और इन दोनो राज्य को भारत देश के एक अलग राज्य के रूप में पहचान मिली थी. इस दिन इस राज्य की सरकारों द्वारा राज्य के स्कूलों, विश्वविद्यालयों, और सरकार दफ्तरों में छुट्टी दी जाती है. वहीं इस साल ये राज्य अपना 49 वां राज्य स्थापना दिवस मनाने जा रहे है.
आइये जानते क्यों हुआ इन दोनों राज्यों का बटवारा
भारत जब स्वतंत्र हुआ तब उस वक्त अंधिकांश प्रांतीय राज्यों को बॉम्बे प्रांत से जोड़ दिया गया. लेकिन धीरे-धीरे इन राज्यों को भाषा और क्षेत्र के आधार पर बांटा जाने लगा और इस तरह से भारत के कई नए राज्यों का निर्माण किया गया.दरअसल, अधिनियम 1956 राज्यों के पुनर्गठन के तहत कई राज्यों का गठन किया गया. उसी समय कन्नड़ भाषा वाले लोगों के लिए कर्नाटक राज्य बनाया गया और उसी के साथ तेलुगु भाषी लोगों के लिए आंध्र प्रदेश और मलयालम भाषी लोगों को केरल और तमिल भाषी को तमिलनाडु राज्य बनाया गया. लेकिन इस समय मराठी और गुजराती भाषा बोलने वाले लोग को अलग राज्य नहीं मिला.
उस समय बॉम्बे प्रांत में गुजराती और मराठी भाषी बोलने वाले लोग साथ रहते थे. पहले बॉम्बे प्रदेश में मराठी और गुजराती भाषी बोलने वाले लोग ज्यादा रहता थे. धीरे- धीरे यहां भी भाषा के आधार पर अलग राज्य बनाने की मांग उठने लगी. गुजराती भाषा वाले लोग अपना एक अलग राज्य की मांग करने लगे. इसी के साथ ही मराठी भाषा बोलने वाले लोग भी खुद के लिए अलग राज्य बनाने की मांग कर रहे थे. इसके लिए कई तरह के आंदोलन भी किए गए और इन्हीं आंदोलनों के परिणामस्वरूप, बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम, 1960 के तहत साल 1960 में महाराष्ट्र राज्य और गुजरात राज्य को दो अलग राज्य के रूप में विभाजित कर दिया गया. और इस तरह दोनों राज्य का गठन किया गया.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुजरात और महाराष्ट्र के स्थापना दिवस पर इन राज्यों के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहाआज गुजरात और महाराष्ट्र का स्थापना दिवस है. दोनों ही राज्यों में अनेक असाधारण हस्तियां हुई हैं जिन्होंने राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. मेरी कामना है कि ये दोनों राज्य सफलतापूर्वक कोरोना महामारी का मुकाबला करें और सभी लोग पूरी तरह से स्वस्थ रहे. कोविंद ने ट्वीट करके कहा, कि " दोनों राज्यों के निवासी परोपकार के लिए सराहे जाते हैं. मुझे विश्वास है कि इस आपदा के समय में भी वे लोग अपनी सुरक्षा के साथ, सभी देशवासियों के हित में कार्य करते रहेंगे”.
Leave a comment