
Chhath Pooja 1st Day: लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा की शुरुवात मंगलवार से हो रही है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे से लेकर एयरपोर्ट पर भारी भीड़ देखने को मिल रहा है। देश- विदेश से करोड़ों लोग छठ पर्व मनाने अपने गांव-शहर लौट रहे हैं। वहीं, लाखों लोग देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में इस पर्व को मना रहे हैं। पूर्वाचंल के इलाके यानी बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में रहने वाले लोगों के लिए यह सबसे बड़ा पर्व है। इस साल छठ पूजा की शुरुवात 5नवंबर से होगी और 8नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पूजा का समापन हो जाएगा।
इस चार दिवसीय महापर्व की शुरुवात मंगलवार यानी नहाय खाय से होगी। इस दिन व्रती कठोर पूजा के लिए संकल्प लेंगी। यह पर्व सूर्य भगवान और उनकी बहन छठी माता को समर्पित है। यही कारण है कि छठ पूजा करने वाले पुरुष या महिला डूबते और उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं। गौरतलब है कि नहाय खाय के साथ ही इस पर्व की शुरुवात हो जाएगी। खरना के बाद 36घंटों का अति कठोर व्रत की शुरुवात हो जाएगी। इस दौरान व्रत करने वाले ना कुछ खा सकेंगे और ना ही एक बुंद पानी पी सकेंगे। साथ ही उन्हें साफ-सफाई का खासा ध्यान रखना पड़ेगा।
नहाय खाय में क्या करें?
मंगलवार को नहाय खाय है। यह छठ पूजा का पहला दिन होता है। इसी दिन से इस महापर्व की शुरुवात हो जाती है। नहाय खाय के दिन व्रती सूर्य उदय से पहले उठ जाती हैं और फिर स्नान ध्यान करके पूजा पाठ करती हैं। इसके साथ ही व्रती पूरी विधि विधान से छठ पूजा करने का संकल्प लेते हैं। इस दौरान कहा जाता है कि हम छठ व्रत शुरु कर रहे हैं और हमारी मनोकामना पूर्ण करना। इस दिन व्रती कद्दू की सब्जी बनाती हैं और फिर उसे खाकर व्रत शुरु करती हैं। नहाय खाय के दिन भी उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसके साथ ही व्रती रात को जमीन पर बिस्तर लगा कर सोती हैं। गौरतलब है कि नहाय खाय से लेकर पर्व समाप्त होने तक व्रती का जीवन पूरी तरह से सात्विक होता है।
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