National Girl Child Day: आज देश मना रहा राष्ट्रीय बालिका दिवस, जानिए लड़कियों को कैसे मिल रहे समान अवसर?

National Girl Child Day: आज देश मना रहा राष्ट्रीय बालिका दिवस, जानिए लड़कियों को कैसे मिल रहे समान अवसर?

National Girl Child Day 2025 Importance: भारत के कई हिस्सों में लड़कियों के प्रति समाज का व्यवहार जगजाहिर है। हमारे समक्ष ऐसे कई उदाहरण हैं, जिसमें हम देखते हैं कि कई परिवार बेटी के जन्म पर मायूस दिखता है, जैसे उसे किसी ने श्राप दे दिया हो। इसके साथ ही कई मामले ऐसे भी हैं, जहां बेटियों की शिक्षा को समाज का एक धरा बेफजूल मानता है। यही कारण है कि भारत में एक वक्त पर बड़ी संख्या में भ्रूण हत्या के मामले सामने आई थी। वहीं, हरियाणा, राजस्थान जैसे प्रदेशों में लिंग अनुपात में काफी अंतर देखने को मिला था। सरकारों के द्वारा समाज को जागरुक करने के लिए कई अभियान चलाए गए। बेटी समाज के लिए कितनी जरुरी होती है, इसका महत्व समझाया गया। लड़कियों के प्रति समाज के अंदर जो कुंठा भरी हुई थी, इसे खत्म करने के लिए साल 2008 में केंद्र सरकार ने “नेशनल गर्ल चाइल्ड डे”मनाना शुरु किया गया।

क्यों मनाया जाता है “नेशनल गर्ल चाइल्ड डे”?

“नेशनल गर्ल चाइल्ड डे”मनाने के पीछे छोटी लड़कियों की शिक्षा और उनके अधिकारियों के प्रति समाज को जागरुक करने की मंशा थी। सरकार ने छोटी बच्चियों के प्रति हो रहे जुर्म को रोकने के लिए कई कदम भी उठाए। जैसे सरकार ने भ्रूण जांच को अवैध बना दिया। जिसके कारण कोई भी जन्म से पहले बच्चे का लिंग पता नहीं कर पाते हैं। सरकार ने शिक्षा का अधिकार सभी वर्गों को दिया। कई राज्यों में लड़कियों की शिक्षा को ना सिर्फ मुफ्त किया गया, बल्कि उन्हें प्रोत्साहन राशि भी मिलती है। सरकार के इस कदम ने समाज में जागरुकता पैदा की है और इसका असर भी देखने को मिला है। बिहार और यूपी जैसे राज्यों में बड़ी संख्या में लड़कियां स्कूल जाते दिख रही हैं। इसके अलावा लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने कई कानून बनाए हैं। लड़कियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की प्रताड़ना को कानूनन जुर्म किया गया है।

छोटी बच्चियों को मिले कई अधिकार

भ्रूण हत्या पर शिकंजा कसने के बाद कई मामले ऐसे समाने आए, जिसमें खुद परिवार के द्वारा छोटी बच्चियों को प्रताड़ीत करने का मामला सामने आया है। सरकार ने इस तरह के मामलों से निपटने के लिए डोमेस्टिक वायलेंस एक्ट बनाया। भारत में लंबे समय से बाल विवाह की भी कुप्रथा देखने को मिली। कई मामले ऐसे भी सामने आए, जिसमें छोटी बच्चियों की शादी उम्रदराज पुरुष से करवा दिया गया। इन तरह के मामलों पर लगाम लगाने के लिए बाल विवाह के विरुद्ध कानून बनाया गया। समाज में किसी भी वर्ग को आगे बढ़ने के लिए उसका सशक्तिकरण बहुत जरुरी है। यही कारण है कि लड़कियों के अंदर विश्वास पैदा करवाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए। वर्तमान समय में लड़कियों को शिक्षा, रोजगार, खेल सहित हर क्षेत्र में समान अवसर दिया जाता है। जिसका असर यह है कि आज हर क्षेत्र में लड़कियां बड़े गर्व के साथ काम करती हैं और उन लड़कियों को देखकर करोड़ों बच्चियों को उनके जैसा बनने का प्रोत्साहन मिलता है।

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