Petrol Diesel LPG Hike: कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) के दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। सरकार इस समय कीमतों को लेकर गंभीर समीक्षा कर रही है और जल्द ही इस पर फैसला लिया जा सकता है। जानकारी के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4 रुपये से 5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 40 रुपये से 50 रुपये तक की वृद्धि पर भी विचार किया जा रहा है। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब 1 मई से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में पहले ही ₹993 तक की बढ़ोतरी की जा चुकी है।
क्या है सरकार का उद्देश्य?
बताया जा रहा है कि सरकार का उद्देश्य तेल कंपनियों पर बढ़ रहे आर्थिक दबाव को कम करना है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और यह 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच चुकी हैं। इसका मुख्य कारण ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। सरकार इस समय पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अभी तक पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि, अगले 5 से 7 दिनों के भीतर इस पर फैसला होने की संभावना है।
तेल कंपनियों को हो रहा नुकसान
सरकारी सूत्रों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से तेल कंपनियों को नुकसान हो रहा है और देश के राजकोषीय बोझ में भी बढ़ोतरी हो रही है। इसी वजह से अलग-अलग विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, ताकि स्थिति को संतुलित किया जा सके। सरकार का दावा है कि किसी भी फैसले में आम जनता पर महंगाई का असर कम से कम करने की कोशिश की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि जरूरतमंद लोगों को किसी तरह की बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।
क्या कहते है विशेषज्ञ?
इस समय पेट्रोलियम मंत्रालय और आर्थिक विभागों के बीच लगातार चर्चा चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होती हैं, तो आने वाले दिनों में ईंधन महंगा होना लगभग तय है। फिलहाल लोगों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, क्योंकि संभावित बढ़ोतरी से घरेलू बजट और परिवहन लागत पर सीधा असर पड़ सकता है।
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