
नई दिल्ली: दिवाली के बाद महापर्व छठ पूजा की शुरुआत हो जा रही है। इस साल छठ पूजा 8 नवंबर से लेकर 11 नवबंर तक मनाई जाएगी। छठ पूजा भारत के पूर्वी हिस्सें में मनाई जाती है। बिहार, झारखंड और पूर्वी यूपी में बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। इन राज्यों में छठ पूजा का महत्व सबसे बड़े त्योहार के रूप में है।
आज हम आपको छठ पूजा के महत्व और पौराणिक कथा के बारे में बताने जा रहे हैं। छठ पूजा के करने के लिए बिहार के लोग अपने घर वापस लौट आते हैं। इस दिन बड़े बुजुर्ग से लेकर बच्चों तक नए कपड़े पहनते हैं। लोगों के बीच इस महापर्व का काफी उत्साह होता है। महापर्व छठ हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान राम ने सबसे पहले छठ पूजा किया था। अयोध्या नगरी में दशरथ नाम के राजा थे। जिनकी कौशल्या, कैकयी और सुमित्रा नाम की पत्नियां थी। भगवान राम के विवाह के बाद राजा दशरथ ने राम जी का राज्याभिषेक करने की इच्छा जताई। इस पर देव लोक में देवताओं को चिंता होने लगी कि राम को राज्य मिल जाएगा तो फिर रावण का वध असंभव हो जाएगा।
देवताओं ने व्याकुल होकर देवी सरस्वती से उपाए करने की प्रार्थना की. देवी सरस्वती ने मन्थरा , जो कि रानी कैकयी की दासी थी, उसकी मती को फेर दिया। इसके बाद मन्थरा की सलाह पर रानी कैकयी कोपभवन में चली गई। राजा दशरथ जब रानी को कैकयी को मनाने आए तो उन्होंने वरदान मांगा कि भरत को राजा बनाया जाए और राम को 14 साल के लिए वनवास पर भेज दिया जाए। इसके बाद भगवान राम जी के साथ सीता और लक्ष्मण भी वनवास पर चले गए।
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