पाकिस्तानी सेना पर सबसे बड़ा हमला, BLA ने कराची-क्वेटा हाईवे पर उड़ाईं तीन गाड़ियां; 32 जवान हुए शहीद

पाकिस्तानी सेना पर सबसे बड़ा हमला, BLA ने कराची-क्वेटा हाईवे पर उड़ाईं तीन गाड़ियां; 32 जवान हुए शहीद

Karachi Quetta Highway Attack: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में कराची-क्वेटा हाईवे पर एक आत्मघाती हमले ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया। इस हमले में पाकिस्तानी सेना के काफिले को निशाना बनाया गया। जिसमें करीब 32सैनिकों की मौत हुई। जबकि 30से ज्यादा घायल हुए। वहीं, इस हमले की सारी जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) की मजीद ब्रिगेड ने ली है।

कहां-कैसे हुआ ये हमला?

बता दें, यह हमला कराची-क्वेटा हाईवे पर हुआ। जब पाकिस्तानी सेना का एक काफिला कराची से क्वेटा की ओर जा रहा था। इस हमले में तीन गाड़ियों को एक के बाद एक निशाना बनाया गया। शुरुआती रिपोर्ट्स में 5सैनिकों की मौत और 30से अधिक के घायल होने की बात कही गई थी। लेकिन बाद में BLA ने दावा किया कि इस हमले में 32सैनिक मारे गए। वहीं, BLA के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि यह हमला उनकी खुफिया जानकारी और रणनीतिक योजना का नतीजा था। उन्होंने दावा किया कि काफिला सैन्य कर्मियों को ले जा रहा था, जिसमें फ्रंटियर कोर (एफसी) के जवान शामिल थे। हमले में इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की मात्रा और हमलावरों की तैयारी ने इसकी गंभीरता को और बढ़ा दिया।

इससे पहले जनवरी 2025में BLA ने तुर्बत के पास एक अन्य हमले में 47सैनिकों की मौत का दावा किया था, जिसे पाकिस्तानी सेना ने कम करके दिखाया था। मजीद ब्रिगेड ने इस बार भी अपनी रणनीति को दोहराते हुए सैन्य काफिले को निशाना बनाया। जिससे यह साफ होता है कि संगठन की खुफिया नेटवर्क और हमले की क्षमता बढ़ रही है।

पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) बलूचिस्तान में सक्रिय एक अलगाववादी संगठन है, जो लंबे समय से बलूचिस्तान को पाकिस्तान से आजाद करने की मांग कर रहा है। संगठन का दावा है कि पाकिस्तानी सरकार और सेना बलूच लोगों के साथ भेदभाव और अत्याचार करती है और प्रांत के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण कर रही है।

BLA ने अपने बयान में यह भी चेतावनी दी कि बलूचिस्तान के राजमार्ग और सैन्य ठिकाने उनके लिए असुरक्षित रहेंगे और परिवहन मालिकों को सेना के लिए सुविधाएं देने से मना किया। बता दें, यह घटना न केवल बलूचिस्तान में बढ़ते अलगाववादी आंदोलन को उजागर करती है, बल्कि पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और सैन्य स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाती है। 

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