20 साल बाद एक मंच में दिखेंगे ठाकरे बंधु, इस मुद्दे को लेकर BJP के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा

20 साल बाद एक मंच में दिखेंगे ठाकरे बंधु, इस मुद्दे को लेकर BJP के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा

Thackeray Brothers Join Hands: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे फिर से एक साथ आने की तैयारी कर रहे हैं। हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बनाए जाने का MNS और शिवसेना उद्धव गुट एक साथ विरोध करेगी। शिवसेना UBT के नेता संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी है कि महाराष्ट्र में हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बनाने के विरोध में एकजुट होकर प्रोटेस्ट किया जाएगा। उन्होंने लिखा है कि महाराष्ट्र की पुरानी ग्लोरी वापस लाई जाएगी।

संजय राउत ने पोस्ट की तस्वीर

संजय राउत ने जो पोस्ट लिखा है उसके साथ एक तस्वीर भी लगाई है जिसमें उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ दिख रहे हैं। माना जा रहा है कि ये संकेत दोनों भाइयों के बीच बढ़ रही नजदीकियों का संकेत है और पुरानी ग्लोरी से मतलब बाला साहेब ठाकरे के शिवसेना की ओर इशारा किया गया है। दरअसल, तीन भाषा फॉर्मूले के तहत महाराष्ट्र के स्कूलों में पहली कक्षा से हिंदी को लागू किया जा रहा है जिसका राज ठाकरे विरोध कर रहे हैं और अब उद्धव ठाकरे ने भी इसके विरोध में मोर्चा खोल दिया है।

ठाकरे परिवार में क्यों हुई थी बगावत?

ठाकरे परिवार में 20 साल पहले बगावत हुई थी। जब राज ठाकरे ने साल 2005 में शिवसेना छोड़ दिया था और 2006 में MNS यानि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नाम से नई पार्टी बना ली थी। तब ये लड़ाई उत्तराधिकार की वजह से हुई थी। राज ठाकरे को बाला साहेब ठाकरे का उत्तराधिकारी माना जाता था लेकिन अंतिम समय में बाला साहेब ठाकरे ने अपने भतीजे राज ठाकरे की जगह बेटे उद्धव ठाकरे को शिवसेना की कमान सौंप दी। तब राज ठाकरे ने बगावत करते हुए अलग पार्टी बना ली थी। लेकिन अब 20 साल बाद एक बार फिर से ठाकरे परिवार एकजुट होने जा रहा है। इसके संकेत मिलने लगे हैं। दोनों के बीच मुलाकात भी हुई है और अब हिंदी विरोध के नाम पर दोनों एकजुट भी हो रहे हैं।  

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