
नई दिल्ली: भारत में अगले साल होने वाले 2023 वर्ल्ड कप से पहले कप्तान रोहित शर्मा और हेड कोच राहुल द्रविड़ को भारतीय टीम के वनडे और टीम फॉर्मेट में खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेनी होगी। भारत ने साल 2022 की शुरूआत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीनों वनडे मैच हारकर की थी और बांग्लादेश के खिलाफ हाल ही में भारत को 1-2 से वनडे सीरीज में हार की सामना करना पड़ा है। इसके अलावा भारत 2022 टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड से सेमीफाइनल में बुरी तरह हार गया था।
ये रही सबसे बड़ी वजह
टीम को खेल के हर विभाग में संघर्ष करना पड़ रहा है और टीम प्रबंधन के लिए गए गए कई फैसलों पर सवाल उठ रहे है। रोहित की कप्तानी और द्रविड़ की कोचिंग में स्थिरता है, जबकि सफेद गेंद क्रिकेट में इसे गतिशील होना चाहिए। यही कारण है कि भारतीय बल्लेबाजी में एकरूपता है, गेंदबाजी दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ प्रभावहीन है।
रोहित और द्रविड़ के साथ समस्या
भारत को पंत को टॉप आर्डर में एक विकल्प के रूप में चुनना चाहिए था, क्योंकि विराट कोहली को छोड़कर अन्य कोई प्रदर्शन में निरंतर नहीं था। लाइन अप में बाएं हाथ का बल्लेबाज बेहतर प्रभाव डाल सकता था। रोहित और द्रविड़ गेंदबाजी इकाई की विफलता का भी हल नहीं ढूंढ पाया। रोहित और द्रविड़ के साथ मूल समस्या यह है कि वे पुरानी शैली के हैं, जबकि सफेद गेंद क्रिकेट गतिशील है और टीमें नई अवधारणाएं ढूंढती रहती है।
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