Ratan Tata Demise:रतन टाटा से कैसे जुड़े शांतनु नायडू? अंतिम यात्रा में थे सबसे आगे

Ratan Tata  Demise:रतन टाटा से कैसे जुड़े शांतनु नायडू? अंतिम यात्रा में थे सबसे आगे

Ratan Tata Assistant Shantanu Naydu: टाटा संस के एक सफलतम चेयरमैन रहे रतन टाटा अब दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। उन्होंने बुधवार यानी 9अक्टूबर की रात में ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली है। जब वह वाणप्रस्थ आश्रम में अपना जीवन शांति से व्यतीत कर रहे थे। तो अक्सर उनके साथ एक शख्स रहता था। वो सुख और दुख की घड़ी उनके साथ खड़ा रहता था। आप जानते हैं कि कौन है वह युवक, जिनसे रतन टाटा भी अक्सर सलाह लिया करते थे।

हम जिस युवक की बात कर रहे हैं, उनका नाम है शांतनु नायडू। वह रतन टाटा के सहायक रहे हैं। महज 31साल के शांतनू में कुछ तो खासियत रही होगी, जो कि दिग्गज व्यापारी रतन टाटा उनके साथ अपना समय बिताते थे। देखा जाए तो रतन टाटा का 31वर्षीय शांतनु नायडु खास जुड़ाव रहा है। हालांकि, रतन टाटा का इससे कोई पारिवारिक संबंध नहीं है।

शांतनु कैसे जुडे़ रतन टाटा से         

शांतनु नायडू टाटा ट्रस्ट के डिप्टी जेनरल मैनेजर के रूप में काम कर चुके हैं। उनकी प्रतिभा से रतन टाटा भी दिवाने गए थे। तभी तो रतन टाटा उनको खुद फोन करके कहा था कि मेरे असिस्टेंट बनोगे। इसके बाद वह साल 2022में रतन टाटा के ऑफिस में जनरल मैनेजर बन गए। बता दें कि शांतनु नायडू मुंबई के रहने वाले हैं। शांतनु नायडू का महाराष्ट्र के पुणे में 1993में हुआ था।  शांतनु रतन टाटा को स्टार्टअप्स में निवेश के लिए सलाह देते थे।

पशु प्रेम के कारण बढ़ी नजदीकियां        

शांतनु नायडू की रतन टाटा के साथ अप्रत्याशित दोस्ती जानवरों के प्रति उनके साझा प्रेम के कारण बढ़ी। दोनों की मुलाकात 2014 में हुई थी। जब नायडू ने आवारा कुत्तो को रात में कारों की टक्कर से बचान के लिए रिफ्लेक्टिव कॉलर बनाए थे। उनकी पहल से प्रभावित होकर टाटा संस के मानद चैयरमैन ने नायडू को काम करने के लिए आमंत्रित किया। नौकरी के अलावा वह Goodfellows के मालिक भी हैं। यह वरिष्ठ नागरिकों को कंप्रिहेंसिव सपोर्ट उपलब्ध कराती है। बताया जाता है कि इस कंपनी की वैल्यू करीब पांच करोड़ रुपए है।

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