सुप्रीम कोर्ट ने सड़क पर बढ़ते कुत्तों के हमलों पर जताई नाराजगी, राज्यों को दी भारी मुआवजे की चेतावनी

सुप्रीम कोर्ट ने सड़क पर बढ़ते कुत्तों के हमलों पर जताई नाराजगी, राज्यों को दी भारी मुआवजे की चेतावनी

SC on Stray Dogs: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 13 जनवरी को सड़कों पर बढ़ते कुत्तों के हमलों को लेकर नाराजगी जताई। जस्टिस विक्रम नाथ ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगर किसी बच्चे या बुजुर्ग को कुत्तों के काटने से चोट या मौत होती है, तो राज्य सरकार को भारी मुआवजा चुकाना पड़ सकता है। कोर्ट ने अधिकारियों की निष्क्रियता को इस समस्या का मुख्य कारण बताया और कहा कि यही कारण है कि ये समस्या लगातार बढ़ रही है।

जस्टिस विक्रम ने इन लोगों से किया सवाल

जस्टिस विक्रम नाथ ने टिप्पणी करते हुए कहा की हर उस मामले में जहां कुत्तों के काटने से बच्चों या बुजुर्गों की मौत या चोट लगती है। राज्य सरकार पर भारी मुआवजा लगाया जाएगा, क्योंकि उसने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया और जो लोग कहते हैं कि हम कुत्तों को खाना खिला रहे हैं। उन पर भी जवाबदेही तय होगी। अगर इतना ही शौक है तो कुत्तों को अपने घर ले जाइए। सड़क पर क्यों छोड़ा जा रहा है ताकी वे लोगों को डराएं और काटें?

अधिकारों के नजरिए से नहीं देखना चाहिए- मेनका गुरुस्वामी

ये टिप्पणी वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी की दलीलों के दौरान आई, जो दो पशु-कल्याण ट्रस्टों की ओर से मामले में पेश हुई थीं। मेनका गुरुस्वामी ने अदालत में कहा कि ये एक भावनात्मक मुद्दा है और इसे सिर्फ कुत्तों के अधिकारों के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। इस पर जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि अभी तक तो भावनाएं सिर्फ कुत्तों के लिए दिखाई जा रही हैं। साथ ही मेनका गुरुस्वामी ने जवाब दिया कि ऐसा नहीं है, मैं इंसानों की भी उतनी ही चिंता करती हूं। उन्होंने अदालत में संसद की बहसों का हवाला देते हुए ये बताया कि इस मुद्दे पर लोगों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।

सरकार को ढूंढना होगा समाधान- कोर्ट

कोर्ट ने इस मामले में स्पष्ट किया कि कुत्तों के अधिकारों के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा और जान-माल की रक्षा भी जरूरी है। अदालत ने ये संकेत दिया कि सरकार और संबंधित अधिकारी अगर इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाते हैं, तो उन्हें कानूनी और वित्तीय जिम्मेदारी का सामना करना पड़ेगा। इस सुनवाई से ये भी स्पष्ट हो गया है कि देश में बढ़ते कुत्तों के हमलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और सरकार को इस गंभीर समस्या का तुरंत समाधान ढूंढना होगा।  

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