IND vs ENG: 58 सालों से जीत का सूखा...गिल की अग्निपरीक्षा, क्या एजबेस्टन में खत्म होगा भारत का इंतजार?

IND vs ENG: 58 सालों से जीत का सूखा...गिल की अग्निपरीक्षा, क्या एजबेस्टन में खत्म होगा भारत का इंतजार?

IND vs ENG Second Test Match: टीम इंडिया 02जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम के एजबेस्टन स्टेडियम में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला खेलेगी। यह मैदान भारतीय टीम के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। 1967में पहली बार इस मैदान पर टेस्ट खेलने के बाद से भारत ने यहां 8टेस्ट मैच खेले, जिनमें से 7में हार का सामना करना पड़ा जबकि एक ड्रॉ रहा। ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि क्या 58साल से चला आ रहा जीत का यह सूखा कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में खत्म होगा?

भारत के लिए अभेद्य किला है एजबेस्टन

एजबेस्टन में भारत का रिकॉर्ड काफी निराशाजनक रहा है। 1967में मंसूर अली खान पटौदी की कप्तानी में पहला टेस्ट 132रनों से हारा था, जब भारत पहली पारी में केवल 92रन पर सिमट गया था। इसके बाद साल 1974, 1979, 1996, 2011, 2018और 2022में भी भारत को हार का सामना करना पड़ा। 1986में एकमात्र ड्रॉ रहा, लेकिन जीत आज तक नहीं मिली। 2011में एलिस्टेयर कुक के 294रनों की बदौलत इंग्लैंड ने भारत को 242रनों से हराया था, जो इस मैदान पर भारत की सबसे बड़ी हार थी। वहीं, 2022में जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को 378रनों का लक्ष्य दिया। बावजूद इसके इंग्लैंड ने जो रूट और जॉनी बेयरस्टो ने शतकों की बारिश कर इस मैच को 76.4ओवर में ही खत्म कर दिया।

लीड्स में भारत को मिली करारी हार

बता दें, हाल ही में लीड्स के हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट में भारत को 5विकेट से हार का सामना करना पड़ा। शुभमन गिल (147), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल और ऋषभ पंत (दोनों पारियों में शतक) की शानदार बल्लेबाजी के बावजूद भारत 371रनों का लक्ष्य नहीं बचा सका। बेन डकेट के 149रनों और जो रूट (53) व जेमी स्मिथ (44) की नाबाद साझेदारी ने इंग्लैंड को जीत दिलाई। वहीं, भारत की फील्डिंग में खामियां और जसप्रीत बुमराह को गेंदबाजी में सहयोग की कमी हार का कारण रही।

शुभमन गिल के सामने ऐतिहासिक मौका

25 वर्षीय शुभमन गिल के लिए यह टेस्ट न केवल सीरीज में वापसी का अवसर है, बल्कि इतिहास रचने का भी मौका है। अगर भारत यह टेस्ट जीतता है, तो गिल पहले भारतीय कप्तान होंगे, जिन्होंने एजबेस्टन में जीत हासिल की। क्योंकि इससे पहले मंसूर अली खान पटौदी, अजित वाडेकर, मोहम्मद अजहरुद्दीन, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, एमएस धोनी, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज कप्तान भी यहां जीत नहीं सके। गिल ने लीड्स में अपनी 147 रनों की पारी से कप्तानी की शुरुआत में ही अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया।

Leave a comment