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बिहार की कोकिला...जिनके बिना अधूरा है छठ महापर्व, आज भी करोड़ों दिलों में समाई उनकी आवाज

बिहार की कोकिला...जिनके बिना अधूरा है छठ महापर्व, आज भी करोड़ों दिलों में समाई उनकी आवाज

The Nightingale Of Bihar, Sharda Sinha:भारतीय लोक संगीत की दुनिया में एक ऐसी आवाज़ जिसने दिलों को गहराई से छूकर शांत किया। जिसने कभी अपनी आवाज़ से धमक नहीं मचाई, बल्कि श्रद्धा भाव का असली मतलब समझाया। हम बात कर रहे हैं शारदा सिन्हा की, जिन्हें प्यार से 'बिहार कोकिला' कहा जाता था। उन्होंने भोजपुरी, मैथिली और मगही गीतों के जरिए बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। 01 अक्टूबर 1952 को बिहार के सुपौल जिले के हुलास गाँव में जन्मीं शारदा सिन्हा ने संगीत को न केवल एक कला बनाया, बल्कि इसे अपने जीवन का अभिन्न अंग भी बना लिया। ...

Horoscope Today 27 October 2025, Aaj Ka Rashifal: सोमवार को मेष समेत इन राशियों पर बरसेगी छठी मईया, जानें अपना दैनिक राशिफल

Horoscope Today 27 October 2025, Aaj Ka Rashifal: सोमवार को मेष समेत इन राशियों पर बरसेगी छठी मईया, जानें अपना दैनिक राशिफल

Horoscope Today 27 October 2025, Aaj Ka Rashifal: राशिफल के अनुसार आज का दिन यानि 27अक्टूबर 2025, सोमवार का दिन महत्वपूर्ण है। आज दीपों का त्योहार दीपावली मनाई जा रही है। इस दिन सभी ग्रहों की चाल को देखते हुए कुछ राशियों के जीवन में खुशियों का आगमन होगा। जबकि कुछ राशियों को सावधानी बरतनी होगी। आइए जानते हैं आज का दिन किस राशि के लिए कैसा रहने वाला है और क्या कहते हैं आपके भाग्य के सितारे? ...

Chhath Puja: छठ पूजा के व्रत के दौरान भूलकर भी ना करें ये गलतियां, वरना नहीं मिलेगा पुण्य और होगा बड़ा नुकसान

Chhath Puja: छठ पूजा के व्रत के दौरान भूलकर भी ना करें ये गलतियां, वरना नहीं मिलेगा पुण्य और होगा बड़ा नुकसान

Chhath Puja Vrat Rules:छठपूजाका महापर्व देवऔरछठीमाईयाकोसमर्पितहै, जो शुद्धता, अनुशासन और भक्ति का प्रतीक है। 2025 में यह पर्व 25 अक्टूबर से शुरू होकर 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। पहला दिन नहाय-खाय (25 अक्टूबर), दूसरा खरना (26 अक्टूबर), तीसरा संध्या अर्घ्य (27 अक्टूबर) और चौथा उषा अर्घ्य व परन (28 अक्टूबर)। इस दौरान सुहागन महिलाएं 36 घंटे का व्रतभी रखती हैं। जो विशेष रूप से सूर्य उपासना करती हैं, ताकि परिवार की सुख-समृद्धि बनी रहे। लेकिन पूजा की पूरी श्रद्धा के बावजूद कुछ सामान्य गलतियां व्रत का फल अधूरा कर सकती हैं। शास्त्रीय नियमों और परंपराओं के अनुसार, यहां 7 ऐसी बड़ी गलतियों का जिक्र है, जिनसे बचना चाहिए। ये नियम व्रत की पवित्रता बनाए रखने के लिए हैं। ...

तुलसी विवाह पर कैसे करें माता का श्रृंगार? घर में आएगी खुशी और समृद्धि

तुलसी विवाह पर कैसे करें माता का श्रृंगार? घर में आएगी खुशी और समृद्धि

तुलसी विवाह जिसे देवउठनी एकादशी भी कहा जाता है। ये त्योहार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। इस साल ये त्योहार 2 नवंबर, 2025 को मनाया जाता है।धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं। ...

Chhath Kharna 2025: छठ के दूसरे दिन की जाती है खरना, जानें पूजा की विधि और महत्व

Chhath Kharna 2025: छठ के दूसरे दिन की जाती है खरना, जानें पूजा की विधि और महत्व

छठ महापर्व की शुरुआत हो चुकी है। ये त्योहार खास करके बिहार, झारखंड और यूपी में मनाया जाता है। इस महापर्व की शुरुआत होते ही हर ओर श्रद्धा और आस्था के रंग दिखाई देने लगते हैं। ...

छठ पूजा पर रेलवे की विशेष तैयारी, स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया और CCTV से निगरानी; गूंज रहे छठी मईया के गीत

छठ पूजा पर रेलवे की विशेष तैयारी, स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया और CCTV से निगरानी; गूंज रहे छठी मईया के गीत

Railway Preparations For Chhath Puja: छठ पूजा का महापर्व आज से शुरु हो चुका है। जिससे देशभर में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी है। बिहार, उत्तर प्रदेश और पूर्वी भारत के लाखों लोग अपने घरों की ओर रवाना हो रहे हैं। इस भारी यात्रा भीड़ को सुगम बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने अभूतपूर्व व्यवस्थाएं की हैं। स्पेशल ट्रेनों की बाढ़, स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया, CCTV से सख्त निगरानी और छठ गीतों के साथ यात्रियों का स्वागत, ये सब मिलकर यात्रियों का सफर सुरक्षित और यादगार बना रहे हैं। यात्रियों ने रेलवे की इन पहलों की जमकर सराहना की है और कहा 'इस बार का सफर घर जैसा लग रहा है।' ...

छठ पूजा में क्यों लगाते हैं नाक से मांग तक सिंदूर, जानें इसके पीछे की पौराणिक कथा

छठ पूजा में क्यों लगाते हैं नाक से मांग तक सिंदूर, जानें इसके पीछे की पौराणिक कथा

Significance of Sindoor in Chhath Puja: छठ पूजा एक ऐसा पर्व है जिसमें सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए व्रत रखती हैं और सूर्य देव की पूजा करती हैं। इस दौरान महिलाएं नाक से मांग तक सिंदूर लगाती हैं, जो एक महत्वपूर्ण परंपरा है। लेकिन क्या आप नाक से मांग तक सिंदूर लगाने की परंपरा के पीछे पौराणिक, धार्मिक और वैज्ञानिक कारण जानते हैं? सिंदूर भारतीय संस्कृति का एक ऐसा प्रतीक है, जो शादीशुदा महिलाओं की पहचान और सामाजिक मान्यता का हिस्सा माना जाता है। लेकिन छठ पूजा में इसका महत्व कई ज्यादा बढ़ जाता है। ...

Chhath Puja 2025: संतान की रक्षक और मां पार्वती का अंश...जानिए देवी षष्ठी कैसे बनीं  “छठी मईया”

Chhath Puja 2025: संतान की रक्षक और मां पार्वती का अंश...जानिए देवी षष्ठी कैसे बनीं “छठी मईया”

Chhath Puja 2025: भारत की सांस्कृतिक परंपराओं में छठ पूजा का विशेष स्थान है। यह केवल सूर्य उपासना का पर्व नहीं, बल्कि मातृत्व, श्रद्धा और अटूट विश्वास का प्रतीक है। बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में छठ का उत्सव अपार भक्ति भाव से मनाया जाता है। इस दौरान व्रती महिलाएं कठिन नियमों का पालन कर संतान और परिवार की मंगल कामना करती हैं। डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देकर वे न केवल प्रकृति का आभार व्यक्त करती हैं, बल्कि छठी मईया का आशीर्वाद भी मांगती हैं। ...

Tulsi Vivah 2025: किस दिन मनाया जाएगा तुलसी विवाह का पवित्र उत्सव? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Tulsi Vivah 2025: किस दिन मनाया जाएगा तुलसी विवाह का पवित्र उत्सव? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Tulsi Vivah 2025 Date: हिंदू धर्म में तुलसी विवाह का विशेष महत्व है। जो देवउठनी एकादशी के बाद मनाया जाता है। यह तुलसी माता और भगवान विष्णु या शालिग्राम के विवाह का प्रतीक है। इस दिन से हिंदू विवाह सीजन की शुरुआत मानी जाती है, क्योंकि मान्यता है कि भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं। 2025में इस उत्सव को लेकर कुछ लोग दुविधा में है है कि यह 2नवंबर को है या 3नवंबर को मनाया जाएगा। तो आइए तुलसी विवाह की सही तारीख और पूजा के शुभ मुहूर्त के बारे में जानते है। ...

Chhath Puja 2025: नहाय खाय के दिन क्यों खाया जाता है लौकी-भात? जानें इसका महच्व

Chhath Puja 2025: नहाय खाय के दिन क्यों खाया जाता है लौकी-भात? जानें इसका महच्व

Importance of Lauki Bhat in Chhath Puja: छठ पूजा एक प्राचीन हिंदू त्योहार है, जो मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। यह त्योहार सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है, जिसमें प्रकृति की पूजा, शुद्धता और समर्पण की भावना प्रमुख होती है। चार दिनों तक चलने वाला यह व्रत कठिन नियमों से भरा होता है, जिसमें उपवास, नदी स्नान और अर्घ्य देने की परंपराएं शामिल हैं। साल 2025में छठ पूजा 25अक्टूबर (शनिवार) से शुरू हो चुकी है, जो नहाय खाय के साथ आरंभ होती है। इसके बाद 26अक्टूबर को खरना, 27अक्टूबर को संध्या अर्घ्य और 28अक्टूबर को उषा अर्घ्य के साथ समाप्त होगी। ...