
Somvati Amavasya 2024 Vrat Paran: हिन्दू धर्म में व्रत, तीज-त्योहारों का एक विशेष महत्व है, जिसे लोग बड़े ही श्रद्धा भाव से करते है। खासकर महिलाएं पूजा-पाठ में ज्यादा विश्वास रखती है इसलिए सोमवती अमावस्या का व्रत उनके लिए खास है। अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए सुहागन महिलाओं द्वारा सोमवती अमावस्या का व्रत रखा जाता है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है।
सोमवती अमावस्या का व्रत
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि सोमवार 2 सितंबर को यानी आज सुबह 5 बजकर 21 मिनट पर इस व्रत की आरंभ हो चुका है। मंगलवार 3 सितंबर को सूर्योदय 6 बजकर 2 मिनट पर होगा और व्रत समाप्त करने का समय 7 बजकर 54 मिनट पर समाप्त है।
अगले दिन सूर्योदय के बाद ही सोमवती अमावस्या के व्रत का पारण करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या का व्रत रखने और खोलने के लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना होता है।
व्रत पारण करने की विधि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर व्रत के विधि-नियमों का सही से पालन नहीं किया गया तो आपको व्रत का फल नहीं मिलता है। इसके अलावा व्रत खोलने में जल्दबाजी या गलत तरीके से खोलने से आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं का सामना करना पड़ सकता हैं।
Leave a comment