
नई दिल्ली: श्रद्धा हत्याकांडमामले में अब एक नया खुलासा हुआ है। माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए रिपोर्ट में श्रद्धा वालकर के बाल और हड्डी के नमूने को मिलान उन हड्डियों से हुआ है जो पुलिस को जांच के दौरान मिली थी। यह रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिक्स से मिली है। यह जानकारी स्पेशल सीपी सागर प्रीत हुड्डा ने दी है।
बता दे कि श्रद्धा की हड्डी का एक टुकड़ा और बालों का गुच्छा उसके पिता और भाई के साथ मेल खाता है जो हड्डी और बालों की पहचान को श्रद्धा वॉकर के रूप में स्थापित करता है। अस्थियों को अब एम्स के मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।
क्या है पूरा मामला
दरअसल 18मई बुधवार की रात आरोपी आफताब और श्रद्धा से झगड़ा हुआ। झगड़ा इससे पहले भी होता था। मगर उस रोज बात बढ़ गई और दोनों में हाथापाई हुई हाथापाई में आरोपी ने श्रद्धा को पटक दिया। इसके बाद उसके सीने पर बैठ कर दोनों हाथों से उसका गला दबाने लगा। थोड़ी देर बाद ही श्रद्धा ने दम तोड़ दिया। उसके बाद उसी रात श्रद्धा की लाश घसीट कर बाथरूम ले गया और पूरी रात लाश बाथरूम में पड़ी रही।
अगला दिन निकलाता यानी 19मई को आरोपी बाजार जाता है और लोकल मार्केट से तीन सौ लीटर का एक फ्रिज खरीदकर घर लेकर आता है। साथ ही एक आरी। रात को उसी बाथरूम में आरी से लाश के 35टुकड़े करता है। आरोपी ने बताया कि मैंने कुछ दिनों के लिए शेफ की नौकरी भी की थी। उससे पहले करीब दो हफ्ते की ट्रेनिंग भी ली थी। इस दौरान चिकन और मटन के पीस करने की भी ट्रेनिंग मिली थी। 19मई को लाश के कुछ टुकड़े किए और उन्हें पॉलीथिन में डालकर फ्रिज के फ्रीजर में रख दिए। बाकी लाश फ्रिज के निचले हिस्से में रखी।
वहीं दो दिनों तक श्रद्धा का शव फ्रिज में ही रखा रहा। 20मई की रात लाश के कुछ टुकड़े फ्रीजर से निकाल कर बैग में रखे और महरौली के जंगल में फेंक दिए। आरोपी ने बताया कि श्रद्धा के टुकड़े कम से कम बीस दिन तक फेंकता रहा। वहीं पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घर में लाश होने की वजह से मैं घर से बाहर नहीं निकलता था। ना ही किसी पड़ोसी से मिलता या बात करता था और बार-बार टुकड़ों को फ्रिज के निचले हिस्से से फ्रीजर में और फ्रीजर में रखे टुकड़ों को नीचे रख कर उनकी अदला-बदली किया करता रहता था ताकि लाश की बू बाहर ना आ सके।
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