
MaaDurgaWorship: शारदीय नवरात्रि का पावन त्योहार शुरु हो चुका है। इस दौरान 9 दिन तक मां दुर्गा के साथ उनके अन्य स्वरूप की पूजा की जाती है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व को बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। ये तो आप सभी जानते ही होंगे कि साल में नवरात्रि 2 बार एक बार मनाई जाती है। लेकिन क्या आप जानते है कि दोनों नवरात्रि का महत्व है।
शारदीय नवरात्रि में किस रंग के कपड़े पहनने चाहिए?
शारदीय नवरात्रि के समय हमें कई चीजों से परहेज करना होता है। ऐसा माना जाता है कि शारदीय नवरात्रि के दौरान 9 दिनों तक काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। कहा जाता है कि काला रंग नकारात्मकता को बढ़ावा देता है। इसे पूजा के हिसाब से शुभ नहीं माना गया हैष इसलिए इस रंग के कपड़ों से पूरी तरह से दूरी बना लेनी चाहिए।
क्या है नवरात्रि का महत्व?
हिंदू धर्म में दुर्गा मां को महाशक्ति का प्रतीक माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि 9 दिन तक सच्चे मन से अगर आप देवी मां की पूजा की जाएं, तो भक्तों को इसका लाभ जरूर मिलता है। इन 9 दिनों में दुर्गा मां के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है।
शारदीय नवरात्रि क्यों मनाते हैं?
हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होती है। दुर्गा मां ने 9 दिनों तक दैत्य महिषासुर से लड़ने के बाद 10वें दिन उनका वध कर दिया था। तभी से नवरात्रि और विजयादशमी मनाने की परंपरा है। आश्विन महीने में शरद ऋतु की शुरुआत होती है, इसलिए इसे शारदीय नवरात्रि कहते है। शारदीय नवरात्रि को धर्म पर अधर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है।
क्यों मनाते हैं चैत्र नवरात्रि?
चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है। ऐसा कहा जाता है कि माता पार्वती ने जब महिषासुर से लड़ने के लिए अपने अंश से 9 रूप प्रकट किए तो देवी-देवताओं ने अपने शस्त्र देकर शक्ति का संचार किया। ये पूरी प्रक्रिया 9 दिनों तक चली। इसके बाद से ही नवरात्रि मनाने की परंपरा शुरू हुई। वहीं, चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हिंदू नववर्ष की शुरुआत को माना जाता है।
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