
नई दिल्ली. आज से सावन का महीना शुरू हो गया है. पूरे देशभर में सावन का महीना बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा हैं. लेकिन आप जानते हैं कि हर साल सावन महीना शिव भक्त बहुत ही अच्छें व धूमधान से मनाते हैं. लेकिन शिव भक्त जो कावड़ लेकर धूमधाम से नाच गा कर हरिद्वार जाया करते थे जगह-जगह मदिरों में शिव भक्तों की भीड़ उमड़ी रहती हैं. लेकिन इस बार पूरे देशभर में कोरोना वायरस फैला हुआ हैं. जिस वजह से सावन का त्यौहार फीका रहेंगा. लेकिन लेकिन लोग सावन के पहले सोमवार के दिन शिवशंकर की आराधना और जलाभिषेक कर रहे हैं. सावन का महीना आते ही पूरी धरती हरे रंग सज जाती है. इस महीने का खास महत्व इसलिए भी है कि क्योंकि ये भोलेनाथ का प्रिय महीना माना जाता है.
सावन महीने में कैसे करे भोले बाबा की पूजा-
कोरोना वायरस के चलते सावन महीने में आप घर में रहकर पूजा करें.शिव पुराण पढ़े। संधिकाल अवश्य पढ़ें.शिव गायत्री की एक माला करें भगवान शिव की पूजा में तीन के अंक का विशेष महत्व है। संभव हो तो तीन बार रुद्राष्टक पढ़ ले। अथवा ॐ नमः शिवाय के मन्त्र से अंगन्यास करें। एक बार अपने कपाल पर हाथ रखकर मन्त्र सस्वर पढ़े। फिर दोनों नेत्रों पर और फिर ह्रदय पर। यह मंत्र योग शास्त्र के प्राणायाम भ्रामरी की तरह होगा. भगवान शिव को 11 लोटे जल अर्पण करें। प्रयास करें कि यह पूरे सावन मास हो जाये। काले तिल,और दूध के साथ जल अर्पण करें
सावन महीने में सोमवार का महत्व-
सावन महीने में सोमवार को भगवान शिव का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है. सावन के महीने को हिंदू धर्म में पवित्र महीना माना गया है. ऐसे में सावन के प्रत्येक सोमवार को विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं. मान्यता है कि देवी सती ने पुनर्जन्म के बाद माता पार्वती बनकर सावन के पूरे महीने में व्रत और कठोर साधना की थी. भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए उनकी ये साधना आखिरकार सफल भी हुई थी. इसलिए ऐसे में कन्याओं का सावन के सोमवार में व्रत करना बहुत ही अच्छा व शुभ माना जाता हैं. शिवलिंग की पूजा करने से पुण्य प्राप्त होता है और कष्ट दूर होते हैं.
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