कैसा था सत्यपाल मलिक का जीवन, जानें उनका राजनीतिक सफर

कैसा था सत्यपाल मलिक का जीवन, जानें उनका राजनीतिक सफर

Satyapal Malik Political Journey: जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन हो गया है। 79 वर्षीय मलिक ने दिल्ली के RML अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से किडनी की बीमारी से परेशान थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें 11 मई को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं, मलिक का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है।
 
कब हुई थी राजनीतिक सफर की शुरुआत
 
मलिक ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1968-69 में छात्र नेता के तौर पर की थी। इसके बाद चौधरी चरण सिंह से निकटता की वजह से उन्होंने 1974 में चुनावी राजनीति में आए और बागपत से विधानसभा का चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने। बाद में चरण सिंह के साथ ही लोक दल में शामिल हो गए। उन्हें चरण सिंह ने पार्टी का महासचिव बनाया 1980 में मालिक लोकदल की ओर से राज्यसभा पहुंचे। वहां भी ज्यादा समय तक नहीं रुके साल 1984 में मलिक कांग्रेस के नेता तौर पक 1986 में एक बार फिर राज्यसभा पहुंचे।
 
1987 में दिया था कांग्रेस से इस्तीफा
 
राजीव गांधी के कार्यकाल के दौरान बोफोर्स घोटाले के बाद 1987 में उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वीपी सिंह के नेतृत्व वाले जनता दल में शामिल हो गए। साल 1989 में वे जनता दल के टिकट पर अलीगढ़ लोकसभा से चुनाव जीतकर संसदीय मामलों और पर्यटन के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री बने।
 
इसके बाद साल 2004 में मलिक अटल बिहारी के नेतृत्व वाली बीजेपी में शामिल हो गए। हालांकि, उन्हे लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान मलिक को भूमि अधिग्रहण विधेयक पर विचार करने वाली संसदीय टीम का प्रमुख नियुक्त किया गया। हालांकि मलिक के इस पैनल ने विधेयक के खिलाफ अपनी राय दी और जिसके बाद सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।
 
 

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