
Solar Eclipse: सूर्य ग्रहण एक बेहद रोचक और दुर्लभ खगोलीय घटना है। इस दौरान चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है, जिससे सूर्य का प्रकाश कुछ समय के लिए आंशिक या पूरी तरह ढक जाता है। लोग इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए काफी उत्साहित रहते हैं, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। सूर्य ग्रहण तीन प्रकार का होता है। पूर्ण सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है और सूर्य का बाहरी वातावरण, जिसे कोरोना कहा जाता है, दिखाई देता है। आंशिक सूर्य ग्रहण में सूर्य का केवल कुछ हिस्सा ढका रहता है। वहीं, वलयाकार सूर्य ग्रहण में सूर्य के बीच का हिस्सा ढक जाता है और चारों ओर आग की अंगूठी जैसी रोशनी दिखती है।
आंखों की रेटिना को होता है नुकसान
सूर्य बेहद तेज रोशनी और हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें छोड़ता है। सामान्य दिनों में हम सूर्य की ओर सीधे नहीं देखते, क्योंकि आंखों में जलन होने लगती है। लेकिन सूर्य ग्रहण के समय सूर्य की रोशनी कम लगती है, जिससे लोग उसे देर तक देखने की गलती कर बैठते हैं। यही गलती आंखों को नुकसान पहुंचा सकती है।
ग्रहण के दौरान बिना सुरक्षा के सूर्य को देखने से आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंचता है। रेटिना आंख का वह हिस्सा है जो रोशनी को पहचानने में मदद करता है। इस नुकसान को “सोलर रेटिनोपैथी” कहा जाता है। इसमें रेटिना पर तेज रोशनी जलन पैदा कर देती है। इसकी सबसे खतरनाक बात यह है कि यह दर्द के बिना होता है, इसलिए व्यक्ति को तुरंत पता नहीं चलता। इसके लक्षणों में धुंधला दिखना, आंखों के सामने काले धब्बे आना या स्थायी दृष्टि हानि शामिल है।
सुरक्षा का रखें खास ध्यान
हालांकि, सही तरीकों से सूर्य ग्रहण को सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है। प्रमाणित और सुरक्षित सूर्य ग्रहण चश्मे का उपयोग करना सबसे अच्छा तरीका है। सामान्य धूप का चश्मा बिल्कुल सुरक्षित नहीं होता। इसके अलावा पिनहोल प्रोजेक्टर की मदद से भी ग्रहण देखा जा सकता है, जिसमें कार्डबोर्ड में छोटा छेद करके सूर्य की छवि जमीन या कागज पर देखी जाती है।
दूरबीन या कैमरे के लिए विशेष सोलर फिल्टर भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। चाहें तो लोग टीवी या इंटरनेट पर लाइव प्रसारण भी देख सकते हैं। अगर गलती से किसी ने सूर्य को सीधे देख लिया हो और आंखों में कोई बदलाव महसूस हो, तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। सूर्य ग्रहण का आनंद लें, लेकिन आंखों की सुरक्षा को हमेशा सबसे पहले रखें।
Leave a comment