
India's Answers America : इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के कारण कई देशों में तेल संकट गहरा गया है। हालांकि, भारत में फिलहाल ऐसी स्थिति उतपन्न नहीं हुई है सरकार का कहना है कि तेल का स्टॉक पूरा है। इसी बीच अमेरिका ने दावा किया कि भारत को 30 दिनों तक रूस से तेल खरीदने की छूट दी गई है।
अमेरिका के इस दावे पर विपक्ष ने हंगामा खड़ा किया। अब इस मामले में सरकार का पक्ष आ गया है। मोदी सरकार ने अमेरिका को दो टूक जवाब दिया है। केंद्र सरकार ने साफ किया कि भारत राष्ट्रीय हित में जहां से चाहेगा वहां से तेल खरीदेगा।
भारत का अमेरिका को जवाब
भारत सरकार ने शनिवार यानी 7 मार्च को कहा कि वह अमेरिका की ओर से दी गई अस्थाई छूट के बाद भी रूस से तेल आयात करेगा। यह छूट मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण दी गई थी। केंद्र सरकार ने कहा कि भारत को इस तरह की खरीदारी के लिए किसी भी देश से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। सरकार का कहना है कि भारत रूसी तेल खरीदने के लिए कभी किसी देश की अनुमति पर निर्भर नहीं है। भारत रूस से तेल खरीदेगा और रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता रहेगा।
मिडिल ईस्ट में तनाव जारी
वहीं, मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण वैश्विक स्तर पर तेल संकट देखा जा रहा है। जिससे तेल की कीमतों में उछाल आया है। अमेरिका ने 5 फरवरी को रूस पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी ताकी समुद्री जहाज पर लदे हुए रूस के तेल को भारत पहुंचाया जा सके। इसे लेकर मोदी सरकार ने कहा कि रूस से व्यापार जारी है। इस छूट के जरिए रूस के साथ हमारे व्यापार को नजरअंदाज करने की कोशिश की जा रही है। भारत दुनिया के रिफाइन्ड प्रोडक्ट का निर्यातक है।
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