
RSS Review Meeting: लोकसभा चुनाव में भाजपा को सबसे बड़ा जो झटका लगा वो उत्तर प्रदेश से लगा। पार्टी उत्तर प्रदेश में 33 सीटों पर ही सिमट कर रह गई। भाजपा फिलहाल मिली हार की समीक्षा कर रही है। इसके साथ ही भाजपा से जुड़े राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन वजहों पर चर्चा हुई जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश में भाजपा का प्रदर्शन खराब हुआ।
यूपी के लखनऊ में आरएसएस की चार दिनों की समीक्षा बैठक हो रही है। इस बैठक का 27 जून को दूसरा दिन है। इस बैठक में शाखाओं के विस्तार पर चर्चा हुई। संघ चाह रहा है कि वो दलितों और पिछड़ों में पैठ बढ़ाने की रणनीति पर का म करे क्योंकि इस बार उत्तर प्रदेश में भाजपा के हार की सबसे बड़ी वजह दलित और पिछड़ों के वोट का खिसकना माना जा रहा है।
बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
संघ ने इस बात को माना है कि पिछड़ों और दलितों का वोट बैंक इंडिया गठबंधन की ओर खिसका है जिसके कारण भाजपा की चुनाव में ये हाल हुआ है। सिर्फ ये ही नहीं बल्कि संघ अपने संगठन के पदाधिकारियों की इस लोकसभा चुनाव में शिथिलता और उदासीनता को लेकर भी काफी चिंतित है। कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी-आरएसएस के बीच समन्वय नहीं हुआ था। इसके साथ ही समीक्षा बैठक में शाखाओं के लगने में जो कमी हो रही है उसको लेकर भी संघ के अधिकारियों के बीच चिंता है।
पदाधिकारियों से मांगे गए सुझाव
फिलहाल इस पर चिंतन प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही इस बैठक में पदाधिकारियों से सुझाव मांगे गए हैं। आरएसएस ने सामाजिक समरसता बढ़ाने पर जोर दिया है। जो बैठक पहले दिन हुई उसमें संघ की पूर्वी क्षेत्र के अवध काशी गोरक्ष और कानपुर प्रान्त के क्षेत्रीय पदाधिकारी शामिल हुए।
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