महाराष्ट्र के रत्नागिरी में धार्मिक तनाव, RSS के जूलूस के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय ने की नारबाजी

महाराष्ट्र के रत्नागिरी में धार्मिक तनाव, RSS के जूलूस के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय ने की नारबाजी

Religious Tension In Ratnagiri:महाराष्ट्र के रत्नागिरी में धार्मिक तनाव बढ़ गया है। आरएसएस के जुलूस के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने नारेबाजी की। इससे इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया। रत्नागिरी के पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह घटना कोंकण इलाके की है। इस मामले में पुलिस ने दो केस दर्ज किए हैं। 

मामले को लेकर शिकायत दर्ज

इस घटना को लेकर पुलिस अधिकारी ने बयान जारी किया है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरएसएस ने दशहरा की पूर्व संध्या पर जुलूस निकाला था। जिसके बाद अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले नारे लगाए। हालांकि कोई दंगा नहीं हुआ है। मगर रात को लोगों की भीड़ थाने में जुट गई थी। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की मांग की है। अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि मामले में अबतक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। 

विजयादशमी पर आरएसएस प्रमुख का संबोधन             

नागपुर स्थित आरएसएस हेडक्वार्टर में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी के मौके पर आरएसएस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। साथ ही उन्होंने हिंदुओं से एक होने की अपील की। मोहन भागवत ने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि पहली बार हिंदू एकजुट हुए और अपनी रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अत्याचार करने की कट्टरपंथी प्रकृति बनी रहेगी। तब तक न केवल हिंदू बल्कि सभी अल्पसंख्यक भी खतरे में रहेंगे।

बांग्लादेश पर साधा निशाना

मोहन भागवत ने बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हुए अत्याचार का जिक्र किया। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा की निंदा की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, वह भारत के हिंदुओं के लिए भी सीख है। हमारे पड़ोसी बांग्लादेश में जो कुछ हुआ लोग उससे चिंतित है। उन्होंने कहा कि जिस देश को उसके निर्माण में भारत ने समर्थन दिया, वह अब हिन्दुओं के खिलाफ इस तरह की घटना को रोकने में नाकाम हो रहा है। 

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