सावन की आखिरी पूर्णिमा पर तुलसी से जुड़े इन नियमों का जरूर करें पालन, वरना भगवान विष्णु हो जाएंगे नाराज

सावन की आखिरी पूर्णिमा पर तुलसी से जुड़े इन नियमों का जरूर करें पालन, वरना भगवान विष्णु हो जाएंगे नाराज

Sawan Purnima 2024:  इस बार सावन पूर्णिमा 19 अगस्त, सोमवार को पड़ रही है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की पूजा की जाती है। ज्योतिष शास्त्र में श्रावण मास की पूर्णिमा बहुत ही खास मानी जाती है। इसे श्रावणी पूर्णिमा भी कहा जाता है।हिंदू धर्म में सावन का महीना अत्यधिक पवित्र माना जाता है। इस महीने में भगवान शिव और विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। सावन की आखिरी पूर्णिमा का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, और इस दिन तुलसी के पौधे का विशेष महत्त्व है। लेकिन कई बार अनजाने में की गई कुछ गलतियां भगवान विष्णु को नाराज कर सकती हैं।

तुलसी के पौधे की पूजा में इन गलतियों से बचें

रात में तुलसी के पास दीपक न जलाएं:धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के पास रात में दीपक जलाना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से लक्ष्मी नारायण का क्रोध हो सकता है। तुलसी के पौधे के पास रात में केवल दीपक न जलाएं, बल्कि सुबह और शाम के समय दीपक प्रज्वलित करना चाहिए।

तुलसी के पत्ते रविवार को न तोड़ें:रविवार के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना निषिद्ध माना गया है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है, और तुलसी का पत्ता तोड़ने से भगवान नाराज हो सकते हैं। अगर पूजा के लिए पत्ते चाहिए, तो उन्हें शनिवार को तोड़कर रखें।

दूषित जल का उपयोग न करें:तुलसी के पौधे को दूषित या गंदा जल नहीं देना चाहिए। इस पौधे को हमेशा शुद्ध जल से सींचना चाहिए, अन्यथा यह भगवान विष्णु का अपमान माना जाता है।

तुलसी को स्पर्श करते समय रखें शुद्धता का ध्यान:तुलसी के पौधे को छूने से पहले अपने हाथों को शुद्ध पानी से धोना चाहिए। अशुद्ध हाथों से तुलसी को छूने से भी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं।

तुलसी के पौधे को स्थानांतरित न करें:सावन के महीने में तुलसी के पौधे को दूसरी जगह स्थानांतरित करना अशुभ माना गया है। पौधे को उसकी जगह से हिलाना या स्थान बदलना भी भगवान विष्णु की नाराजगी का कारण बन सकता है।

पूर्णिमा पर विशेष पूजा का महत्व

सावन की आखिरी पूर्णिमा का दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्ति के लिए श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन तुलसी की पूजा करने से व्यक्ति को उनके समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है। लेकिन ध्यान रहे, पूजा के दौरान उपरोक्त गलतियों से बचना अनिवार्य है। इसलिए, इस सावन की आखिरी पूर्णिमा पर सावधानीपूर्वक पूजा-अर्चना करें और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करें।

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