Ratan Tata Demise: अमेरिकी कंपनी का अधिग्रहण से लेकर टाटा की बुलंदी तक, रतन टाटा के वो फैसले जो रहेंगे याद

Ratan Tata Demise: अमेरिकी कंपनी का अधिग्रहण से लेकर टाटा की बुलंदी तक, रतन टाटा के वो फैसले जो रहेंगे याद

Remarkable Decison Of Ratan Tata: देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में शुमार रतन टाटा ने बुधवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। रतन टाटा ने उद्योग जगत को न सिर्फ नई बुलंदियों पर ले गए, साथ ही वह अपनी दयालुता से भी मिसाल पेश की है। यही वजह है कि रतन टाटा के निधन से पूरे देश में शोक की लहर छा गई। जब देश अपने इस महान सपूत को संवेदनाएं और श्रद्धांजलि दे रहा है। तो ऐसे समय में रतन टाटा के उन ऐतिहासिक व्यापारिक फैसलों पर नजर डालना भी जरूरी है, जिसे उन्होंने मिसाल के तौर पर पेश की है।

अमेरिकी कंपनी का अधिग्रहण         

रतन टाटा के अगुवाई में ही टाटा समूह ने लग्जरी कार निर्माता कंपनी जगुआर लैंड रोवर के अधिग्रहण का ऐतिहासिक निर्णय किया था। बता दें कि टाटा ने जेएलआर को 2.3अरब डॉलर में अधिग्रहित किया था। वित्तीय वर्ष 2024में जगुआर लैंड रोवर ने 29अरब पाउंड का उच्चतम राजस्व हासिल किया है, इसमें कंपनी को कुल 2.6अरब पाउंड का मुनाफा हुआ है।

टाटा नैनो को बाजार में पेश करना                           

रतन टाटा ने कारों को आम आदमी तक पहुंचाने के लिए टाटा नैनो कार की लॉन्चिंग की थी। साल 2008में टाटा नैनो को मात्र एक लाख रुपए में बाजार में उतारा गया था। हालांकि टाटा के इस प्रोजेक्ट को उतनी सफलता नहीं मिली और साल 2018में इसका उत्पादन रोक दिया गया, लेकिन टाटा नैनो रतन टाटा के परोपकारी और समाज में बारे में सोचने वाले व्यक्तित्व की पहचान है।  उन्हें इस फैसले के लिए हमेशा याद किया जाएगा।    

टाटा डोकोमो से टेलीकॉम सेक्टर में एंट्री          

टाटा ग्रुप ने साल 2008में टाटा डोकोमो के साथ भारत के टेलीकॉम सेक्टर में जगब बनाई थी। टाटा समूह की कंपनी टाटा टेलीसर्विस ने जापान की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी एनटीटी डोकोमो के साथ साझेदारी कर टाटा डोकोमो की शुरुआत की थी।  टाटा डोकोमो के जरिए ही टाटा ने कम टैरिफ वाले प्लान भारतीय ग्राहकों के लिए पेश किए थे। जिससे मोबाइल फोन पर बात करना आम आदमी के लिए संभव हुआ था। साल 2010में टाटा डोकोमो को निजी कंपनी का तमगा दिया गया। जिसने 3जी सर्विस सेवाएं देनी शुरू की। हालांकि घाटे के चलते समूह को अपनी इस कंपनी को बंद करना पड़ा और साल 2017में टाटा डोकोमो ने अपना कारोबार भारती एयरटेल को बेच दिया।

रक्षा उद्योग में टाटा समूह की एंट्री

रतन टाटा के अगुवाई में टाटा समूह ने साल 2007में रक्षा क्षेत्र में एंट्री ली और टाटा एडवांस्ड सिस्टम लिमिटेड की शुरुआत की। साल 2007में लॉन्च की गई यह कंपनी अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में व्यापार करती है। हाल ही में कंपनी ने लॉकहीड मार्टिन के साथ साझेदारी का ऐलान किया है।

एयर इंडिया का अधिग्रहण

रतन टाटा की अगुवाई  में ही टाटा समूह ने साल 2021 में एयर इंडिया का अधिग्रहण किया। हालांकि उस वक्त रतन टाटा समूह के मुखिया नहीं थे लेकिन मानद चेयरमैन थे। बता दें कि टाटा समूह ने 18 हजार करोड़ रुपये में एयर इंडिया का अधिग्रहण किया। एयर इंडिया की शुरुआत टाटा समूह ने ही देश की आजादी के बाद की थी। ऐसे में साल 2021 में एयर इंडिया एयरलाइंस की घरवापसी हुई है। वित्तीय वर्ष 2024 तक एयर इंडिया अपने 60 फीसदी घाटे को खत्म कर चुकी है।    

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