
Rajasthan News: राजस्थान के टोंक जिल मेंबैरवों की ढाणी सोंधीपल के पास तालाब में भैंसों को पानी पिलाने गए तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई।झिराना थाना प्रभारी हरिमन मीणा ने बताया कि बच्चे घर से 500 मीटर दूर भैंसों को पानी पिलाने गए थे जब भैंसे तालाब में चली गई। वह काफी देर तक जब भैंसें बाहर नहीं निकलीं तो उनमें से एक किशोर अंकेश पानी में उतर गया। इस दौरान वह डूबने लगा। अंकेश को डूबता देख सुनील और विकास भी पानी में कूद गए। तैरना नहीं आने के कारण तीनों बच्चे पानी में गहरे चले गए।
इस दौरान उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर पास में मौजूद सुनील के पिता राजेश बैरवा तालाब की तरफ दौड़े और तीनों बच्चों को बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। लेकिन राजेश बच्चों को बचा नहीं पाए और खुद भी डूबने लगे। इसके बाद मशक्कत कर वे किनारे पर आए।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
राजेश ने गांव में जाकर बच्चों के डूबने की सूचना दी। इसके बाद परिजन दौड़े और बच्चों को तलाशने लगे। लोगों ने मिलकर तीनों को निकाला और पीपलू हॉस्पिटल ले गए। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बच्चों की मौत से पूरे गांव में मातम है। रविवार को किसी भी घर में चूल्हे नहीं जले। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। शवों को पीपलू हॉस्पिटल की मॉच्र्युरी में रखवाया गया है। सोमवार को पोस्टमॉर्टम होगा।
सुनील और विकास राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बोरखंडी कलां (पीपलू, टोंक) में कक्षा 10में पढ़ते थे। जबकि अंकेश परिवार के साथ जयपुर रहता था, वहीं पढ़ाई कर रहा था। मृतकों की पहचान सुनील (15) पुत्र राजेश बैरवा, विशाल उर्फ विकास (14) पुत्र धर्मचंद बैरवा और अंकेश (15) पुत्र शंकरलाल बैरवा निवासी बैरवों की ढाणी सोंधीपल के रूप में हुई है।
जांच में जुटी पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पाने पर टोंक जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल भी पीपलू अस्पताल पहुंची और घटना की जानकारी ली तथा तहसीलदार को मृतकों के परिजनो की हर संभव मदद करने के निर्देश दिया शवों को पीपलू मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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