
Punjab Politics: पंजाब की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व विधायक और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एच.एस. फुल्का बुधवार, 1 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। करीब 7 साल बाद उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी हुई है, जिसे बीजेपी के लिए बड़ा फायदा माना जा रहा है। फुल्का ने नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और पार्टी महासचिव तरुण चुघ की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली।
क्या है फुल्का की पहचान?
एच.एस. फुल्का की पहचान एक प्रमुख वकील के रूप में है, उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के लिए लंबे समय तक न्याय की लड़ाई लड़ी। इसी वजह से पंजाब और सिख समुदाय में उनका खास सम्मान है। उनके राजनीतिक सफर की बात करें तो उन्होंने साल 2014 में आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ राजनीति में कदम रखा। उन्होंने लुधियाना से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन कांग्रेस नेता रवनीत सिंह बिट्टू से हार गए।
क्यों दिया विधायक पद से इस्तीफा?
इसके बाद 2017 में उन्होंने पंजाब विधानसभा चुनाव में दाखा सीट से जीत हासिल की और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी बने। हालांकि, 2018 में उन्होंने बेअदबी मामलों में कार्रवाई न होने के विरोध में विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और बाद में AAP भी छोड़ दी। दिसंबर 2024 में वे कुछ समय के लिए शिरोमणि अकाली दल (SAD) से भी जुड़े थे, लेकिन अब उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया है। फुल्का का बीजेपी में शामिल होना पंजाब की राजनीति में एक अहम बदलाव माना जा रहा है। उनके अनुभव और छवि से पार्टी को राज्य में मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Leave a comment