यौन उत्पीड़न मामले में पादरी बजिंदर सिंह को उम्रकैद की सजा, मोहाली कोर्ट ने सुनाया फैसला

यौन उत्पीड़न मामले में पादरी बजिंदर सिंह को उम्रकैद की सजा, मोहाली कोर्ट ने सुनाया फैसला

Pastor Bajinder Singh: यौन उत्पीड़न मामले में पादरी बजिंदर सिंह को आज मोहाली कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। बीते 3दिन पहले इस मामले में कोर्ट ने पादरी बजिंदर सिंह को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 323 (चोट पहुंचाने के लिए सजा) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दोषी माना। जिसके बाद उसे पटियाला जेल भेज दिया गया था।

बता दें, मोहाली कोर्ट ने ये फैसला साल 2018में एक महिला के साथ कथित तौर पर हुए यौन उत्पीड़न मामले में सुनाया है। इस मामले में पीडि़ता ने खुद जीरकपुर पुलिस थाने में यौन उत्पीड़न की शुकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरु की।

7साल बाद मिला इंसाफ

मोहाली कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में पादरी बजिंदर सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिसके बाद पीड़िता और उसके पति का एक बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि हमने साल 2018से लेकर अभी तक यानी 7सालों तक बहुत संघर्ष किया है। क्योंकि हर बार आरोपी अदालत और पुलिस को गुमराह करता था। इस मामले में पीड़िता ने आगे कहा कि हमें 7सालों के बाद इंसाफ मिला है। आरोपी ने खुद को बचाने के लिए कई चालें चली, मेरे खिलाफ फर्जी FIR दर्ज कराई गई, हमले कई गए। लेकिन आखिर में सच की जीत हुई।

क्या है पूरा मामला?

बता दें, यौन उत्पीड़न का ये मामला साल 2018का है। जहां जीरकपुर पुलिस थाने में एक महिला ने अपने साथ हुए जघन्य अपराध की शिकायत दर्ज कराई थी। पीडिता ने अपनी शिकायत ने बताया कि बजिंदर सिंह ने उसे विदेश ले जाने का वादा किया था। लेकिन वह उसे मोहाली सेक्टर 63स्थित अपने घर ले गया। जहां उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया। पीडिता ने आगे बताया कि बजिंदर ने उसका एक वीडियो भी बना लिया था। जिसके बाद वो उसे धंमकी दे रहा था कि उसकी डिमांड ना मानने पर उसकी वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी जाएगी।

जिसके बाद पीडिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने पादरी बजिंदर सिंह समेत कुल 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। लेकिन बजिंदर सिंह को छोड़कर बाकी किसी के खिलाफ कोई सबूत न मिलने पर उन्हें बरी कर दिया गया। इसके बाद जुलाई 2018 में बजिंदर को गिरफ्तार किया गया था।

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