प्रयागराज कोर्ट का बड़ा आदेश, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR दर्ज

प्रयागराज कोर्ट का बड़ा आदेश, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR दर्ज

FIR on Avimukteshwaranand Saraswati: प्रयागराज की एक विशेष अदालत ने शनिवार (21 फरवरी 2026) को एक अहम फैसला सुनाते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके सहयोगी मुक्तानंद गिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। मामला उनके आश्रम में दो नाबालिग बच्चों के साथ कथित यौन शोषण से जुड़ा है। पीड़ित बच्चों की उम्र 14 और 17 साल बताई गई है।

ये आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया ने दिया, जो पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामलों की सुनवाई करते हैं। अदालत ने पुलिस को निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पीड़ितों की पहचान और गरिमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

याचिका में लगाया गया ये आरोप

बता दें ये मामला शाकुंभरी पीठाधीश्वर अशुतोष ब्रह्मचारी महाराज द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ‘गुरु सेवा’ के नाम पर आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ जबरन दुष्कर्म किया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता के आरोप शपथपत्रों से समर्थित हैं और प्रारंभिक जांच में भी इन्हें परखा गया है।

माघ मेले के दौरान हुआ था यौन शोषण

प्रारंभिक जांच के दौरान दोनों पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि 18 जनवरी 2026 के आसपास प्रयागराज में माघ मेले के दौरान उनके साथ यौन शोषण हुआ। आरोप है कि यह कृत्य धार्मिक मार्गदर्शन और गुरु-शिष्य संबंध का बहाना बनाकर किया गया। माघ मेला एक वार्षिक धार्मिक आयोजन है, जिसमें लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर पवित्र स्नान करने पहुंचते हैं। इस दौरान सैकड़ों संत और धार्मिक नेता अपने-अपने शिविर लगाते हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत देने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिसके बाद उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। 

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