बलिया जिले का नाम बदलने की मांग से सियासी हलचल, सपा सांसद ने किया बीजेपी विधायक का समर्थन

बलिया जिले का नाम बदलने की मांग से सियासी हलचल, सपा सांसद ने किया बीजेपी विधायक का समर्थन

Baliya New Name: उत्तर प्रदेश के बलिया में जिले का नाम बदलने की मांग ने सियासी हलचल तेज कर दी है। बांसडीह से बीजेपी विधायक केतकी सिंह ने गाजीपुर, आजमगढ़ और मऊ के नाम बदलने की मांग उठाई, जिसे अब समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद सनातन पांडे ने समर्थन देकर नया मोड़ दे दिया है। सपा सांसद ने सुझाव दिया कि बलिया का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पांडे और गाजीपुर का नाम महर्षि जमदग्नि के नाम पर रखा जाए। इस बयान ने सियासी गलियारों में चर्चा छेड़ दी है, और सवाल उठ रहे हैं कि क्या सपा अपने सांसद के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने शाहजहांपुर का नाम बदलने की मांग उठाई, यह कहते हुए कि वर्तमान नाम से गुलामी की छाप झलकती है। बीजेपी विधायक केतकी सिंह ने इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि आक्रांताओं के नाम पर रखे गए शहरों के नाम हटाकर स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों के नाम पर रखे जाने चाहिए। उन्होंने गाजीपुर, आजमगढ़ और मऊ के नाम बदलने की वकालत की, यह तर्क देते हुए कि आक्रांताओं ने भारत की सांस्कृतिक पहचान को नष्ट करने का प्रयास किया था।

सपा सांसद का समर्थन, कार्रवाई की अटकलें

सनातन पांडे ने बीजेपी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि बलिया का नाम मंगल पांडे के नाम पर होना चाहिए, जिन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ पहली चिंगारी जलाई थी। उन्होंने गाजीपुर का नाम महर्षि जमदग्नि के नाम पर करने की भी बात कही। सांसद ने यह मांग संसद में भी उठाई थी। हालांकि, सपा का इतिहास रहा है कि उसने बीजेपी या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करने वाले अपने नेताओं पर सख्ती दिखाई है। हाल ही में सपा विधायक पूजा पाल की सीएम की तारीफ पर पार्टी ने नाराजगी जताई थी। अब सवाल है कि क्या सनातन पांडे के इस बयान पर सपा कार्रवाई करेगी?

सियासी हलचल और भविष्य की दिशा

सनातन पांडे के बयान ने बलिया की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। सपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह मुद्दा जिले में चर्चा का केंद्र बन गया है। बीजेपी और सपा के बीच इस मुद्दे पर सहमति एक असामान्य घटना है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है। क्या सपा अपने सांसद के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगी या इस मांग को समर्थन देगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल, बलिया की सियासत में यह मांग नया रंग भर रही है।

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