अब ड्रैगन की खैर नहीं! समुद्र में चीन की हेकड़ी निकालने के लिए भारत तैयार, बना लिया ये प्लान

India Vs China: भारत सरकार ने चीन से जारी गतिरोध के बीच अपनी ताकत को और बढ़ाने का फैसला किया है। इसी कड़ी में भारत राफेल-एम फाइटर जेट्स को भारत के दो एयरक्राफ्ट कैरियर्स पर तैनात करेगा और अतिरिक्त सबमरीन्स हिंद महासागर के इलाके में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करेंगी।
अहम ये है कि अप्रैल महीने में ही भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल-मैरिटाइम (Rafale-M) स्ट्राइक फाइटर्स के अधिग्रहण को हरी झंडी दिखाई जानी है। इस संबंध में केंद्र की तरफ से लगातार खर्च को मंजूरी भी प्रदान की जा रही है। बता दें कि केंद्र सरकार ने रक्षा उपकरणों की खरीदारी के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए थे।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट की मानें तो इसी महीने करीब 7.6 बिलियन डॉलर के लड़ाकू विमानों के सौदे को कैबिनेट कमिटी ऑफ सिक्योरिटी (CCS) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। केंद्र सरकार से स्टेक होल्डर्स की सहमति के बाद 3 अतिरिक्त डीजल इलेक्ट्रिक सबमरिन्स को भी मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
कहां तैनात होंगे राफेल-एम फाइटर्स?
राफेल-एम फाइटर जेट्स को भारत के दो एयरक्राफ्ट कैरियर्स पर तैनात किया जाएगा जबकि हिंद महासागर के इलाके में एक्स्ट्रा सबमरीन्स की तैनाती होगी। रक्षा मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 193 समझौतों पर अपनी मंजूरी दी है। भारत की समुद्र मे बढ़ती ताकत के बीच अब चीन के भी और ज्यादा सतर्क और सावधान होने की आशंका है। अहम ये है कि भारत ऐसे समय में अपनी ताकत बढ़ा रहा है जब चीन लगातार उसे आंखे दिखाता रहता है। माना जा रहा है कि भारत का इस ताकत से पाकिस्तान को भी इशारों-इशारों में समझाना शामिल है कि वो भूल से भी भारत के खिलाफ कोई नापाक मंसूबे दिखाने की हिमाकत न करे। भारत की बढ़ती ताकत से एशिया में उसकी ताकत का लोहा सभी देश मानेंगे।
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