
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के बाद से पाकिस्तान की बौखलाहट जारी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान ने अब इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में ले जाने का फैसला किया है।
अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को मानवाधिकारों के हनन के आधार के तौर पर उठाने की तैयारी में है। वहीं बीजेपी जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370हटाने के मुद्दे पर देशभर में जनजागरण और जनसंपर्क अभियान चलाने की तैयारी में है।
अनुच्छेद 370 हटाने के मुद्दे पर मचा बवाल, थमने का नाम नहीं ले रहा एक तरफ जहां देश की सियासत को इस मुद्दे ने गरमा रखा है, तो वहीं भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की बौखलाहट अब भी बरकरार है। जम्मू कश्मीर पर भारत सरकार के फैसले के बाद पाकिस्तान ने जहां भारत के साथ अपने कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों में तल्खी दिखाई, तो कभी पुलवामा जैसे आतंकी हमले की चेतावनी दी, अनुच्छेद 370 के प्रावधानों में बदलाव के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने धमकी देते हुए कहा था कि वह कश्मीर मुद्दे को हर मंच से उठाएंगे। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान अपने इस प्रयास में बुरी तरह असफल हुआ चीन के दखल के बावजूद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में केवल बंद कमरे में ही इसपर चर्चा हो सकी। अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पड़ चुके पाकिस्तान ने अब अंतरराष्ट्रीय अदालत में जाने की बात कही है। उधर बीजेपी जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने के मुद्दे पर देशभर में जनजागरण और जनसंपर्क अभियान चलाने की तैयारी में है। इसमें फिल्म, खेल और शिक्षा क्षेत्र की 2000 बड़ी हस्तियों से संपर्क किया जाएगा।
अभियान में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, वरिष्ठ मंत्री और मुख्यमंत्री भी हिस्सा लेंगे अभियान के तहत बीजेपी 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच 370 जगहों पर जनसंपर्क सभाएं करेगी अभियान में बताया जाएगा कि अनुच्छेद-370 क्यों हटाया गया और इसका क्या परिणाम होगा। चुने गए प्रबद्ध लोगों से पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मिलेंगे।
कश्मीर मुद्दे पर एक तरफ जहां पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय अदालत जाने की तैयारी कर रहा है, तो दूसरी तरफ बीजेपी देशभर में जनजागरण और जनसंपर्क अभियान चलाने की तैयारी में है। देखा जाए तो हर कोई अपने दावों और अधिकारों को लेकर दम भर रहा है। लेकिन इस सबके बीच जिनकी बात नहीं हो रही वो है कश्मीर की जनता वहां बने हुए हालात जिंदगी तो धीरे धीरे पटरी पर लौट रही है। लेकिन आजाद कश्मीर की फिजाओं में जिंदगी कितनी आजाद और खुश है, ये बात वहां के लोग ही बेहतर जानते हैं।
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