Haryana News: हरियाणा में फरीदाबाद नगर निगम एक बार फिर प्रशासनिक विवादों के कारण सुर्खियों में आ गया है। हरियाणा सरकार ने नगर निगम के मेयर और 46 पार्षदों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। सरकार का आरोप है कि पिछले 14 महीनों से फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी (F&CC) का गठन नहीं किया गया, जिसके चलते शहर के विकास कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद नगर निगम चुनाव 2 मार्च 2025 को हुए थे, जबकि 25 मार्च को मेयर और पार्षदों ने शपथ ग्रहण की थी। इसके बावजूद अब तक सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव नहीं कराया जा सका है। साथ ही सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी का भी गठन नहीं हुआ है, जो विकास कार्यों की मंजूरी में अहम भूमिका निभाती है।

सरकार ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि 10 करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों की मंजूरी इसी कमेटी के माध्यम से दी जाती है, लेकिन इसके अभाव में सड़क, सीवर, सफाई और अन्य जरूरी परियोजनाओं की फाइलें लंबित पड़ी हैं, जिससे शहर का विकास रुक गया है।
इसके अलावा सरकार ने यह भी आरोप लगाया है कि नगर निगम की बैठकें नियमित रूप से नहीं हो रही हैं और हरियाणा म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट के प्रावधानों का पालन ठीक से नहीं किया जा रहा है। नोटिस में धारा 398(1) का हवाला देते हुए कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो वह सख्त कदम उठा सकती है। यहां तक कि सरकार खुद फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी का गठन कर विकास कार्यों की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले सकती है। साथ ही नगर निगम आयुक्त को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे तय समय में जवाब सौंपें।