TMC on Kolkata stampede: अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने आज 18 अक्टूबर 2026 रविवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) से चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल से कथित संबंधों को लेकर सवाल उठाए। इस पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। पार्टी ने इस त्रासदी के लिए जवाबदेही की मांग की है। AITC ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का भतीजा पूजा पंडाल से घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ था और दावा किया कि एक भाजपा विधायक पूजा समिति का अध्यक्ष था। पार्टी ने कहा 'जवाबदेही कहां है? इन सभी मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है? स्पष्ट रूप से बेशर्म मुख्यमंत्री कब इस्तीफा देंगे?!'
एक अन्य पोस्ट में, AITC ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कोलकाता यात्रा के लिए किए गए इंतजामों को लेकर भाजपा की आलोचना की और सवाल उठाया कि क्या वीआईपी सुरक्षा को जन सुरक्षा से ऊपर रखा गया था। पार्टी ने कहा 'अमित शाह का भव्य स्वागत, जबकि आम नागरिक अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कितना शर्मनाक विरोधाभास! जब एक त्रासदी घट रही है और परिवार अपने प्रियजनों के लिए शोक मना रहे हैं, तब भाजपा के नेता कैसे जश्न मना सकते हैं?'
AITC ने सुरक्षा इंतजाम पर उठाए सवाल
AITC ने यह भी सवाल उठाया कि क्या शाह की सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती से पंडाल में भीड़ प्रबंधन प्रभावित हुआ। पार्टी ने पूछा 'क्या पुलिस की तैनाती अमित शाह की सुरक्षा व्यवस्था पर इतनी केंद्रित थी कि भीड़ प्रबंधन और जन सुरक्षा की उपेक्षा की गई? क्या बंगाल की जनता ने इसी के लिए वोट दिया था - एक ऐसी व्यवस्था जहां एक वीआईपी को विस्तृत सुरक्षा और भव्य स्वागत मिलता है, जबकि आम बंगालियों की जान का कोई महत्व नहीं रह जाता?' पार्टी ने आगे कहा 'VIP संस्कृति की वेदी पर जन सुरक्षा की बलि नहीं दी जानी चाहिए। जब जानें जाती हैं तो जवाबदेही वैकल्पिक नहीं हो सकती। सुवेंदु अपने भाईपो को कब गिरफ्तार करवाएंगे?'
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चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल त्रासदी
बता दें, बीते दिन 17 अक्टूबर 2026 शनिवार को उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल अचानक गिरनेे से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। इस त्रासदी के बाद, अमित शाह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को कोलकाता के अपोलो अस्पताल में इलाज करा रहे घायलों से मुलाकात की। शाह ने पहले मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों से मिलने के लिए राज्य में अपने निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर दिए।
कोलकाता त्रासदी के बाद 7 लोग गिरफ्तार
इस बीच, कोलकाता पुलिस ने घटना के संबंध में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में पूजा समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा; इसके उपाध्यक्ष शांतनु दुबे; और बांस की संरचना के निर्माण में शामिल बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय शामिल हैं। अन्य गिरफ्तार व्यक्तियों में भीड़ प्रबंधन और VIP पास की जांच में शामिल कौशिक साहा; भीड़ प्रबंधन में लगे पिंटू डे; और निजी सुरक्षा प्रभारी के रूप में कार्यरत सुमन चक्रवर्ती और राजेश पाल शामिल हैं। पुलिस ने आयोजकों और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 110 और 3(5) के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के लिए चौदह लोगों को हिरासत में लिया गया है।
कोलकाता के कुछ हिस्सों में धारा 163 लागू
तो वहीं, संभावित अशांति को रोकने के लिए 18 से 20 अक्टूबर तक कोलकाता के कुछ हिस्सों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 लागू कर दी गई। यह प्रतिबंध बोबाजार पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले कॉलेज स्ट्रीट, सीआर एवेन्यू, कोलोटोला स्ट्रीट और ईडन हॉस्पिटल रोड से घिरे क्षेत्र में लागू है। इस आदेश के तहत पांच या दो से अधिक व्यक्तियों के गैरकानूनी जमावड़े, हथियार ले जाने और सार्वजनिक शांति और व्यवस्था को भंग करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। फिलहाल जवाबदेही तय करने के लिए विशेष कार्य बल (STF) द्वारा जांच भी शुरू कर दी गई है।