Search KhabarFast

Press ESC to close

फ्रांस में महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे 8 लाख लोग, 143 साल पुराना टाउन हॉल आग में तबाह

फ्रांस में महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे 8 लाख लोग, 143 साल पुराना टाउन हॉल आग में तबाह

Violence In France:यूरोपीय देश फ्रांस में महंगाई, बढ़ती जीवनयापन लागत और सरकारी सेवाओं की बदहाली के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को देशभर के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों की भीड़ के बीच कुछ जगहों पर हिंसा भड़क उठी। दुकानों में लूटपाट की गई, वाहनों और इमारतों में आग लगाई गई तथा पुलिस के साथ झड़पें हुईं। सबसे गंभीर घटनाओं में से एक लिमोज शहर में हुई, जहां करीब 143 साल पुराना टाउन हॉल आग लगने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, प्रदर्शनों में करीब 5.5 लाख लोग शामिल हुए, जबकि श्रमिक संघ CGT ने यह संख्या 8 लाख बताई। हिंसा के सिलसिले में प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू के मुताबिक, करीब 1,200 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 150 पुलिसकर्मी घायल हुए।

फ्रांस में इन प्रदर्शनों की प्रमुख वजह बढ़ती महंगाई, ईंधन और ऊर्जा की कीमतों में उछाल, शिक्षा व्यवस्था की समस्याएं और सार्वजनिक सेवाओं में गिरावट बताई जा रही है। शुरुआत में कई जगहों पर छात्र स्कूलों में शिक्षकों की कमी और खराब सुविधाओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। बाद में इस आंदोलन में श्रमिकों, पेंशनभोगियों और अन्य नागरिकों की भागीदारी भी बढ़ गई। प्रदर्शनकारियों ने बेहतर वेतन, पेंशन में सुधार, जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर राहत और सरकारी सेवाओं के लिए पर्याप्त बजट की मांग की। कई प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार की नीतियों की आलोचना भी की। यह आंदोलन 2018 में शुरू हुए येलो वेस्ट आंदोलन की याद दिला रहा है, जो उस समय ईंधन कर और आर्थिक असमानता के खिलाफ शुरू हुआ था।

143 साल पुराना टाउन हॉल आग में तबाह

प्रदर्शनों के दौरान हिंसा का असर फ्रांस के कई प्रमुख शहरों में देखने को मिला। लिमोज में नकाबपोश लोगों द्वारा आग लगाए जाने के बाद ऐतिहासिक टाउन हॉल को भारी नुकसान पहुंचा। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार, इमारत का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया और छत का हिस्सा ढह गया। मार्सेई में प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम की इमारत में प्रवेश किया, जबकि लियोन में पर्यटन कार्यालय को आग के हवाले कर दिया गया। पेरिस में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। कई दुकानों के शीशे तोड़े गए और सुपरमार्केट, लग्जरी ब्रांड के शोरूम तथा इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों में लूटपाट की गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। हालांकि, अधिकारियों और आयोजकों के मुताबिक, अधिकांश लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और हिंसा कुछ समूहों तक सीमित रही।

सरकार ने हिंसा की निंदा की

फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि सार्वजनिक संपत्ति और कारोबार को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट में शामिल लोगों को कानून के दायरे में लाने की बात कही। वहीं, राजनीतिक दलों के बीच भी इस आंदोलन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। कुछ नेताओं ने हिंसा के लिए कट्टरपंथी समूहों को जिम्मेदार ठहराया, जबकि प्रदर्शनकारियों के समर्थकों ने लोगों की आर्थिक परेशानियों और सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति पर ध्यान देने की मांग की। सरकार ने फिलहाल आपातकाल घोषित करने की योजना से इनकार किया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार महंगाई, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी मांगों पर क्या कदम उठाती है और देशभर में तनाव को कम करने के लिए किस तरह की पहल करती है।
 

Also read: 2027 को लगेगा दुर्लभ पूर्ण सूर्य ग्रहण, 6 मिनट 23 सेकंड तक छा सकता है अंधेरा; जानें भारत में दिखेगा या नहीं

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

India-US News: रूस से तेल खरीदने पर भारत को राहत, ट्रंप ने टैरिफ पर लिया बड़ा फैसला

India-US News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान से जुड़े प्रतिबंधों के नए कानून के तहत कई प्रतिबंधों और टैरिफ प्रावधानों को फिलहाल लागू होने से रोक दिया है। 16 अक्टूबर 2026 को जारी कार्यकारी आदेश में ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रीय हित का हवाला देते हुए यह फैसला लिया। इस कदम से रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों, जिनमें भारत और चीन शामिल हैं, पर प्रस्तावित 100 प्रतिशत तक के अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ का खतरा फिलहाल टल गया है। व्हाइट हाउस के आदेश के मुताबिक, राष्ट्रपति को कानून की धारा 115 के तहत कुछ प्रतिबंधों और शुल्कों में छूट देने का अधिकार है।

सऊदी जाने वाले यात्रियों के लिए अलर्ट, एयर इंडिया ने 20 अक्टूबर और इंडिगो ने 24 अक्टूबर तक कैंसिल की सारी फ्लाइट्स

Saudi Arabia flights cancelled: सऊदी अरब में हाल ही में नागरिक हवाई अड्डों और विमानन बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों के मद्देनजर, एयर इंडिया ने रियाद, दम्माम और जेद्दा से आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानों को 20 अक्टूबर, 2026 तक रद्द कर दिया है। इसके अलावा इंडिगो ने भी रियाद, जेद्दा, दम्माम और मदीना की उड़ानें 24 अक्टूबर 2026 तक रद्द कर दी हैं। बता दें, यह फैसला सऊदी अरब में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए लिया गया है।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast