Aaj Ka Mausam: ! बंगाल की खाड़ी में बना नया मौसमी सिस्टम, दिल्ली-UP-हरियाणा समेत 10 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का असर

Aaj Ka Mausam: ! बंगाल की खाड़ी में बना नया मौसमी सिस्टम, दिल्ली-UP-हरियाणा समेत 10 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का असर

IMD Rain Alert: बंगाल की खाड़ी में मौजूदा मौसमी सिस्टम ने एक बार फिर मौसम विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर में बने निम्न दबाव के क्षेत्र को लेकर चेतावनी जारी की है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में श्रीलंका की ओर बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से तेज हवाएं और झमाझम बारिश की संभावना है।

IMD के अनुसार, इस सिस्टम के कारण दक्षिण बंगाल की खाड़ी में हवाओं की गति 45से 55किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों में यह 65किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। यह स्थिति 21से 22फरवरी तक बनी रहने की उम्मीद है। इस सिस्टम का सीधा असर मुख्य रूप से दक्षिण भारत पर पड़ रहा है। दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल में 21और 22फरवरी को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और लक्षद्वीप में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

उत्तर भारत का मौसम

उत्तर भारत में मौसम का मिजाज अलग है। पश्चिमी विक्षोभ और अन्य सिस्टम के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और अन्य राज्यों में अगले कुछ दिनों में तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है। न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जबकि अधिकतम तापमान भी 3-5डिग्री तक ऊपर दर्ज किए जा रहे हैं। दिल्ली-NCR में सुबह के समय हल्की धुंध छाई रह सकती है, लेकिन बारिश या तूफान की कोई बड़ी संभावना नहीं है। हालांकि, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गरज-चमक और हल्की बारिश की आशंका जताई गई है, लेकिन यह मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी है।

IMD ने कुल मिलाकर 10 राज्यों में विभिन्न स्तर के अलर्ट जारी किए हैं, जिनमें तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा शामिल हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी में बंगाल की खाड़ी में इस तरह का सिस्टम बनना असामान्य नहीं है, लेकिन यह श्रीलंका की ओर बढ़ रहा है, इसलिए भारतीय तटों पर इसका सीधा प्रभाव सीमित रह सकता है। फिर भी, तेज हवाओं और समुद्री उफान से सावधानी बरतना जरूरी है।

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